हलधर किसान, अलीगढ़। कृषकों को उच्च गुणवत्तापूर्ण कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराने के लिए जिले में संचालित कृषि रक्षा रसायन प्रतिष्ठानों पर कृषि एवं संबद्ध विभागो की अंतर विभागीय टीम द्वारा आकस्मिक छापेमारी की कार्रवाई की गई।
जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र चौधरी द्वारा तहसील खैर एवं इगलास एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमित जायसवाल द्वारा तहसील कोल, गभाना एवं अतरौली के प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण करते हुए संदिग्ध कृषि रक्षा रसायनों का नमूना आहरण किया गया। टीम द्वारा प्रतिष्ठान स्वामियों को निर्देशित किया गया कि वह कृषकों को अनिवार्य रूप से रसीद दें एवं समसामायिक फसलों पर लगने वाले कीट रोगों पर वैज्ञानिक संस्तुति के आधार पर ही कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही वर्तमान समय में बासमती धान पर प्रतिबंधित कीटनाशक कृषि रक्षा रसायन ट्राइसाइकलाजोल, बुप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरपाइरीफोस हेक्साकोनोजोल, प्रोपिकोनाजोल, थायामेथक्साम, प्रोफेनेफॉस, इमिडाकलोप्रिड, कार्बण्डाजिम की बिक्री पर शासन से प्रतिबंध की जानकारी दी गई एवं कृषको को इनके प्रतिस्थानी रसायन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी द्वारा पालीमुकीमपुर में छापे के दौरान दुकान बन्द करके भाग गए प्रतिष्ठान स्वामी मैसर्स- रूद्र कृषि भण्डार एवं बाढ़ौल में झिलमिल कृषि रक्षा केन्द्र को नोटिस दिया गया। संयुक्त टीमों द्वारा जिले में 29 प्रतिष्ठानों पर छापे की कार्रवाई की गई एवं 16 संदिग्ध कीटनाशकों के नमूने ग्रहित कर विश्लेषण के लिए राजकीय गुण नियंत्रण प्रयोगशाला में प्रेषित किए गए हैं। जिनके परिणाम प्राप्त होने पर अधोमानक की दशा में कीटनाशक अधिनियम 1968 की धारा 29 के अंतर्गत विधिक कार्रवाही की जाएगी।
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