हलधर किसान नई दिल्ली/आंध्र प्रदेश। तोतापुरी आम की लगातार गिरती कीमतों से परेशान किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के माध्यम से एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति तोतापुरी आम की खेती से लेकर प्रसंस्करण, विपणन, मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) और निर्यात तक का व्यापक अध्ययन करेगी तथा किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए ठोस सुझाव देगी।
हाल ही में आंध्र प्रदेश के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तोतापुरी आम उत्पादक किसानों से सीधे संवाद किया था। किसानों ने बताया कि प्रसंस्करण उद्योगों में उपयोग होने वाली तोतापुरी आम की कीमतों में इस वर्ष भारी गिरावट आई है। इससे हजारों किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी लागत तक निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने तत्काल वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के विशेषज्ञों की समिति गठित करने के निर्देश दिए।
10 दिनों में करेगी क्षेत्र का दौरा
आईसीएआर के अधीन केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच), लखनऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार विशेषज्ञ समिति अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करेगी। समिति खेतों में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी और किसानों, प्रसंस्करण उद्योगों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा करेगी।
समिति का उद्देश्य केवल मौजूदा संकट का कारण जानना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना भी होगा।
इन बिंदुओं पर होगा अध्ययन
विशेषज्ञ समिति तोतापुरी आम क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन करेगी। इसमें खेती की वर्तमान स्थिति, उत्पादन लागत, किसानों की आय, प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता, मांग और आपूर्ति का संतुलन, घरेलू एवं निर्यात बाजार की स्थिति, कीमतों में गिरावट के वास्तविक कारण तथा पूरी वैल्यू चेन में मौजूद चुनौतियों का विश्लेषण शामिल रहेगा।
इसके अलावा समिति यह भी जांच करेगी कि मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर आय कैसे दिलाई जा सकती है। प्रसंस्करण उद्योगों और निर्यात क्षमता को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विशेषज्ञों की टीम करेगी नेतृत्व
गठित समिति की अध्यक्षता डॉ. टी. दमोदरन, निदेशक, आईसीएआर–सीआईएसएच, लखनऊ करेंगे। समिति में आईसीएआर–आईआईएचआर, बेंगलुरु के डॉ. एम. शंकरन, आईसीएआर–सीआईएसएच के डॉ. एच.एस. सिंह, वाईएसआर हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश के डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी तथा आंध्र प्रदेश के उद्यानिकी निदेशक या उनके नामित प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है। यह टीम वैज्ञानिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोणों से स्थिति का मूल्यांकन करेगी।
सरकार को सौंपेगी विस्तृत रिपोर्ट
क्षेत्रीय दौरे और अध्ययन के बाद समिति केंद्रीय कृषि मंत्री को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपेगी। रिपोर्ट में तोतापुरी आम की कीमतों को स्थिर रखने के उपाय, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने की रणनीति, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता बढ़ाने के सुझाव, एफपीओ, प्रोसेसर और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय तथा क्षेत्र के दीर्घकालिक और सतत विकास के लिए नीतिगत अनुशंसाएं शामिल होंगी।
इन सुझावों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ऐसी कार्ययोजना तैयार करेंगी जिससे किसानों को स्थायी राहत मिल सके और भविष्य में बाजार की अनिश्चितता का असर कम हो।
किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर ऐसे प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, जिनसे किसानों को लाभकारी मूल्य मिले, उनकी आय में वृद्धि हो और इस क्षेत्र में रोजगार एवं निवेश के नए अवसर पैदा हों।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल कीमतों में तत्काल सुधार ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत बनाकर किसानों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाना सरकार का उद्देश्य है।
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