मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ ने कहा – भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम से बढ़ेगा व्यापारियों का विश्वास
हलधर किसान जयपुर/भोपाल। राजस्थान सरकार के कृषि आयुक्तालय ने भ्रष्टाचार, अनैतिक गतिविधियों, जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार, राजकीय कार्यों में लापरवाही तथा धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों के चलते कृषि विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभिन्न मामलों में जांच लंबित है। प्रारंभिक स्तर पर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
जारी आदेश के अनुसार श्री संदीप कुमार, कृषि पर्यवेक्षक (मुख्यालय भारेवाला, कार्यालय जिला विस्तार अधिकारी, सीएडी आईजीएनपी बीकमपुर), श्री रजनीश कुमार, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक (मुख्यालय राववाला, कार्यालय जिला विस्तार अधिकारी, सीएडी आईजीएनपी बज्जू) तथा श्री विशाल कुमार, सहायक कृषि अधिकारी (मुख्यालय बगीचा, कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), रायसिंहनगर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीनों अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्ट आचरण, अनैतिक कार्य, जनता के साथ अभद्र व्यवहार, सरकारी दायित्वों के निर्वहन में अकर्मण्यता तथा धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों की जांच विचाराधीन है। जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके, इसलिए उन्हें सेवा से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान अधिकारियों के मुख्यालय भी निर्धारित किए गए हैं। श्री संदीप कुमार को संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद धौलपुर, श्री रजनीश कुमार को संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद बाड़मेर तथा श्री विशाल कुमार को संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद बारां के अधीन उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार तीनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा तथा बिना पूर्व अनुमति अपने निलंबन मुख्यालय को छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
कृषि आयुक्तालय ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निलंबित कर्मचारियों को आदेश की प्रति विधिवत उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी उपस्थिति का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही जांच प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद कृषि आदान व्यापारियों के संगठनों ने राजस्थान सरकार और संबंधित संगठन की सक्रियता की सराहना की है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार, अनावश्यक दबाव और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होने से ईमानदारी से कार्य करने वाले व्यापारियों और किसानों का विश्वास मजबूत होगा।
कृषि आदान विक्रेता संघ, मध्य प्रदेश ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए राजस्थान संगठन को बधाई दी है। संगठन का कहना है कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस प्रकार के ठोस कदम आवश्यक हैं। संघ ने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संघ के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मान सिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी, सदस्यता अभियान प्रभारी श्री विनोद जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे, ऑल इंडिया एग्री इनपुट डीलर्स एसोसिएशन, नई दिल्ली के सदस्य श्री राजेश मलैया (सागर जिला अध्यक्ष), श्री प्रकाश जैन (बैतूल जिला अध्यक्ष) सहित अनेक पदाधिकारियों ने राजस्थान संगठन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध संगठित प्रयास ही कृषि आदान व्यापारियों के हितों की रक्षा कर सकते हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में व्यापारी वर्ग को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जाता है या भ्रष्टाचार के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास होता है, तो संगठन हमेशा उसके खिलाफ आवाज उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि आदान व्यवसाय किसानों की सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसमें पारदर्शिता तथा जवाबदेही बनाए रखना सरकार और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
व्यापारी संगठनों का मानना है कि राजस्थान सरकार की यह कार्रवाई अन्य राज्यों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि भ्रष्टाचार और कदाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से पूरी होती है तो इससे विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, किसानों और व्यापारियों का भरोसा बढ़ेगा तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शी प्रशासन को मजबूती मिलेगी।
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