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भारतीय किसान संघ की जिला मासिक बैठक सम्पन्न, संगठन विस्तार और किसान हितों के मुद्दों पर हुआ मंथन

Bharatiya Kisan Sanghs district monthly meeting concludes

हलधर किसान टोंक। भारतीय किसान संघ की जिला मासिक बैठक गुरुवार को कृषि उपज मंडी समिति, टोंक में आयोजित की गई। बैठक में संगठन को ग्राम स्तर तक मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने, ग्राम इकाइयों के गठन तथा किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

बैठक का शुभारंभ भारत माता, भगवान बलराम तथा भारतीय किसान संघ के प्रेरणास्रोत एवं संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात बैठक में विगत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई और पिछले निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई। संगठन के आगामी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों को लेकर भी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

जिला अध्यक्ष रमेश चंद जाट ने बैठक को संबोधित करते हुए संगठन विस्तार को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने ग्राम इकाइयों के गठन, संगठन की सदस्यता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक किसानों को भारतीय किसान संघ से जोड़ने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही आगामी जिला एवं तहसील स्तरीय बैठकों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।

बैठक में पूर्व प्रांत मंत्री प्रभाकर शर्मा, संभाग अध्यक्ष पोखर लाल जाट एवं प्रांतीय प्रतिनिधि रामस्वरूप धाकड़ के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में संगठन को प्रत्येक तहसील में और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ग्राम स्तर तक किसान संघ की सक्रिय इकाइयों का गठन कर किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।

जिला मंत्री विनय सिंह ताखर ने बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने फसल बीमा योजना, सिंचाई सुविधाओं, विद्युत आपूर्ति, कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने, पशुपालन, प्राकृतिक खेती तथा किसान हित से जुड़े अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक पहुंचना चाहिए और किसानों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए संगठन स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाया जाए।

बैठक में किसानों की स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों को फसल बीमा, सिंचाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्राकृतिक खेती और पशुपालन को बढ़ावा देने तथा किसानों को कृषि की आधुनिक एवं टिकाऊ तकनीकों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक के दौरान संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा भी की गई। कई पदाधिकारियों को तहसील प्रभारी की नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसके अलावा संगठन द्वारा प्रस्तावित आगामी कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां प्रदान की गईं। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ करना होगा।

बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित करने और उन्हें संगठन से जोड़ने का आह्वान किया गया। साथ ही किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से चिन्हित कर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई। संगठन ने किसानों के हितों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाने और किसान कल्याण के लिए निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प दोहराया।

बैठक में जिला उपाध्यक्ष देवकरण जाट, प्रभु लाल मीणा, जिला सहमंत्री रामगोपाल रोलानिया, शेर सिंह सोलंकी, कोषाध्यक्ष बद्री लाल, युवा प्रमुख भगवान प्रजापत, जिला कार्यकारिणी से सूरज, करण, केदार, नारायण, तहसील अध्यक्ष मूल सिंह सोलंकी, जगदीश घटाला, तहसील मंत्री लक्ष्मी नारायण, कन्हैयालाल गुर्जर, युवा कार्यकर्ता रामस्वरूप चौधरी, धनराज गुर्जर, मनराज प्रजापत, प्रकाशन से जुड़े रामनारायण, शंकर लाल चौधरी, भंवर लाल चौधरी, रामप्रसाद जाट सहित विभिन्न तहसीलों एवं ग्राम इकाइयों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक में संगठन विस्तार के साथ किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मजबूत ग्राम इकाइयों के माध्यम से ही किसानों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझकर उन्हें उचित मंच तक पहुंचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य के साथ आगामी दिनों में संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को और अधिक गति देने की रणनीति तैयार की गई।

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