800 फाइलों की समीक्षा, 745 पुरानी फाइलें हटाईं; कबाड़ निस्तारण से 1,150 वर्ग फुट कार्यालयीन स्थान हुआ खाली, स्वच्छता और सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल
हलधर किसान नई दिल्ली। सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप देने, लंबित मामलों के निपटारे और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में मत्स्यपालन विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले मत्स्यपालन विभाग ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित विशेष अभियान-6 का सफलतापूर्वक समापन किया। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के दौरान विभाग ने स्वच्छता, शिकायत निवारण, अभिलेख प्रबंधन, डिजिटलीकरण और कार्यालयीन संसाधनों के बेहतर उपयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को केवल एक औपचारिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित प्रशासनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना था। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित शिकायतों और मामलों का निपटारा करना, अनुपयोगी अभिलेखों को हटाना, डिजिटल कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करना तथा कार्यालयों में उपलब्ध स्थान और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना भी अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहा।
40 स्वच्छता अभियानों का लक्ष्य पूरा
विशेष अभियान-6 के अंतर्गत मत्स्यपालन विभाग ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए 40 स्वच्छता अभियान आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। विभाग ने निर्धारित अवधि में इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यालयीन परिसर को स्वच्छ, व्यवस्थित और कार्य के अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया।
विभाग की इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना रहा। अभियान ने यह संदेश भी दिया कि बेहतर प्रशासन के लिए स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल का होना बेहद जरूरी है।
100 शिकायतें और 30 अपीलों का शत-प्रतिशत निपटारा
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में लोक शिकायतों के निवारण में मिली सफलता शामिल रही। नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से विभाग ने लंबित शिकायतों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया।
आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान प्राप्त अथवा लंबित सभी 100 लोक शिकायतों का निपटारा किया गया। इसके अलावा लोक शिकायतों से संबंधित सभी 30 अपीलों को भी निस्तारित कर दिया गया। इस प्रकार शिकायतों और अपीलों के निपटारे में विभाग ने शत-प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की।
इसके साथ ही संसद सदस्यों की ओर से प्राप्त चार संदर्भों तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से प्राप्त तीन संदर्भों का भी अभियान के दौरान निपटारा किया गया। यह उपलब्धि नागरिक-केंद्रित प्रशासन, समयबद्ध कार्रवाई और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता को प्रदर्शित करती है।
800 भौतिक फाइलों की समीक्षा, 745 फाइलें हटाईं
सरकारी कार्यालयों में पुराने और अनावश्यक अभिलेखों का बढ़ता बोझ प्रशासनिक कार्यों में बाधा बनता है। इसे कम करने के लिए मत्स्यपालन विभाग ने अभियान के दौरान अभिलेख प्रबंधन और फाइलों की छंटाई पर विशेष ध्यान दिया।
विभाग ने कुल 800 भौतिक फाइलों की समीक्षा की। इनमें से 745 फाइलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत छंटाई के बाद हटा दिया गया। इससे पुराने अभिलेखों का अनावश्यक बोझ कम करने और कार्यालयीन रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिली।
डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए ई-फाइलों की भी समीक्षा की गई। अभियान के दौरान समीक्षा के लिए प्रस्तुत 45 ई-फाइलों में से 25 फाइलों को बंद किया गया। इससे लंबित डिजिटल कार्यों को कम करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रगति हुई।
कबाड़ निस्तारण से 1,150 वर्ग फुट जगह खाली
विशेष अभियान-6 के दौरान विभाग ने कार्यालयों में अनुपयोगी सामग्री और कबाड़ के निस्तारण को भी प्राथमिकता दी। इसके परिणामस्वरूप विभाग और उसके विभिन्न कार्यालयों में लगभग 1,150 वर्ग फुट कार्यालयीन स्थान खाली कराया गया।
खाली हुए स्थान का बेहतर उपयोग कार्यालयीन गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित करने में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पर्यावरणीय जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ई-कचरा प्रबंधन अभियान भी संचालित किया।
इस अभियान के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों की विभिन्न श्रेणियों की कुल 308 वस्तुओं को शामिल किया गया। ई-कचरे के व्यवस्थित प्रबंधन से कार्यालयों में अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री को नियंत्रित करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करने में मदद मिली।
सोशल मीडिया के जरिए जन-जागरूकता
विशेष अभियान-6 की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुंचाने और विभाग की उपलब्धियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी व्यापक उपयोग किया गया।
अभियान के दौरान एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, लिंक्डइन, ट्रुथ सोशल, ब्लूस्काई और यूट्यूब सहित विभिन्न डिजिटल मंचों पर 120 से अधिक पोस्ट साझा किए गए। इन पोस्ट के माध्यम से स्वच्छता अभियान, शिकायत निवारण, अभिलेख प्रबंधन और कार्यालयों में किए गए सुधारात्मक कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।
स्वच्छता से सुशासन तक, प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सुधार पर जोर
मत्स्यपालन विभाग द्वारा विशेष अभियान-6 का सफल क्रियान्वयन केवल निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सरकारी कार्यालयों में बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिकायतों का समयबद्ध निपटारा, पुराने अभिलेखों की छंटाई, ई-फाइलों का निस्तारण, कबाड़ प्रबंधन और कार्यालयीन स्थान का बेहतर उपयोग ऐसे कदम हैं, जो प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहायक साबित हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, विशेष अभियान-6 के माध्यम से मत्स्यपालन विभाग ने स्वच्छता, पारदर्शिता, जवाबदेही और संसाधनों के कुशल उपयोग को प्राथमिकता देते हुए बेहतर एवं नागरिक-अनुकूल शासन की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। अभियान की उपलब्धियां इस बात को रेखांकित करती हैं कि यदि स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटारे को नियमित प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए, तो सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता और जनसेवा की गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जा सकता है।
