हलधर किसान भोपाल। देशभर के खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 27 अप्रैल 2026 को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय महाराष्ट्र राज्य में चल रहे आंदोलन के समर्थन में लिया गया है, जहां महाराष्ट्र संगठन ‘माफड़ा’ द्वारा 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया गया है। इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है।
ऑल इंडिया एग्री इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन कलंत्री के नेतृत्व में आयोजित एक महत्वपूर्ण ज़ूम बैठक में देश के सभी राज्यों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महाराष्ट्र के व्यापारियों के समर्थन में पूरे देश के खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारी 27 अप्रैल को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। साथ ही, इस दिन सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
हड़ताल के पीछे व्यापारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें हैं, जिनमें प्रमुख रूप से उर्वरक कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाना शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि कंपनियों द्वारा लागू की गई ‘टैगिंग प्रणाली’ से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। इसके अलावा डीलर मार्जिन को न्यूनतम 8 प्रतिशत किए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक रूप से स्थिरता मिल सके।
एक अन्य महत्वपूर्ण मांग यह है कि खाद, बीज एवं कीटनाशक के सैंपल फेल होने की स्थिति में सीधे कंपनियों पर कार्रवाई की जाए। वर्तमान व्यवस्था में इसका दायित्व व्यापारियों पर आ जाता है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी और नुकसान उठाना पड़ता है। व्यापारियों ने ‘साथी पोर्टल’ को केवल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स तक सीमित रखने की भी मांग की है, ताकि छोटे व्यापारियों को तकनीकी जटिलताओं से राहत मिल सके।
इसके अतिरिक्त ‘एफओआर सुविधा’ (Freight on Road) को डीलरों के गोदाम तक उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है। व्यापारियों का मानना है कि इससे परिवहन लागत कम होगी और व्यापार को सुगमता मिलेगी।
इसी क्रम में 17 अप्रैल 2026 को भोपाल में एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, संचालक कृषि श्री उमाशंकर भार्गव एवं कृषि सचिव श्री निशांत वरवड़े से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल के अध्यक्ष श्री मान सिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी शामिल थे। बैठक में ई-टोकन प्रणाली और व्यापारियों को आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से उन व्यापारियों के लाइसेंस बहाल करने की मांग रखी, जिनके लाइसेंस ई-टोकन प्रणाली के तहत निलंबित किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि इस प्रणाली में सुधार कर व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए।
महाराष्ट्र के नागपुर सहित कई जिलों में कृषि आदान व्यापारियों ने पहले ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। इसी के समर्थन में राष्ट्रीय स्तर पर यह निर्णय लिया गया है, जिससे व्यापारियों की एकता और संगठन की ताकत को प्रदर्शित किया जा सके।
कृषि आदान विक्रेता संघ, भोपाल (मध्य प्रदेश) के उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे ने प्रदेश के सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को होने वाली इस सांकेतिक हड़ताल में पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों के हितों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए है।
संगठन के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों, तहसीलों एवं गांव स्तर पर बैठकें आयोजित कर इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार करें। साथ ही अधिक से अधिक व्यापारियों को इस आंदोलन से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संजय कुमार रघुवंशी ने कहा कि यदि सरकार द्वारा व्यापारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जा सकता है।
कुल मिलाकर, 27 अप्रैल की यह सांकेतिक हड़ताल देशभर के कृषि आदान व्यापारियों की एकजुटता का प्रतीक बनकर उभर रही है, जिससे सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से लेने का दबाव बढ़ेगा।
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