हलधर किसान रायसेन। रायसेन (मध्य प्रदेश) के दशहरा मैदान में 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन ने प्रदेश ही नहीं, आसपास के जिलों के हजारों किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर कृषि विकास की नई दिशा देने का कार्य किया।

इस महोत्सव का उद्घाटन देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में किसानों की भारी भागीदारी ने इसे एक वास्तविक “कृषि महाकुंभ” का रूप दे दिया।
आत्मनिर्भर भारत में कृषि और रक्षा की अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकसित और आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में रक्षा और कृषि दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर देश की सीमाएं सुरक्षित हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों की समृद्धि भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने देश की मजबूत रक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन यदि कोई देश को चुनौती देता है तो उसे करारा जवाब भी दिया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने कृषि क्षेत्र में चल रहे व्यापक सुधारों और योजनाओं का भी उल्लेख किया।
किसान ही भगवान, जनता ही जनार्दन
शिवराज सिंह चौहान ने भावुक शब्दों में कहा कि उनके लिए किसान ही भगवान हैं और जनता ही जनार्दन है। उन्होंने बताया कि जनता के आशीर्वाद से उन्हें अनेक चुनावों में सफलता मिली है और किसानों की सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 140 करोड़ भारतीयों तक पोषणयुक्त भोजन पहुंचाना, कृषि उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना और खेती को लाभकारी बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग से बढ़ेगी आय
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल” रहा। केंद्रीय मंत्री ने किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर विविधीकृत कृषि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे किसान भी एक, दो या तीन एकड़ भूमि पर अनाज के साथ-साथ फल, सब्जी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को जोड़कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस मेले में एक एकड़ के इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का लाइव प्रदर्शन किया गया है। वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में इस मॉडल को अपनाकर किसान सालाना दो लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकते हैं।
भाषण नहीं, खेती की पाठशाला
इस महोत्सव को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर “कृषि पाठशाला” के रूप में तैयार किया गया। विभिन्न हॉलों में करीब 20 विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बागवानी, हॉर्टिकल्चर, ड्रोन तकनीक, कृषि मशीनरी, बाजार से जुड़ाव, मिट्टी परीक्षण और लागत कम करने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
करीब 4000 किसानों ने इन सत्रों के लिए पंजीकरण कराया। प्रत्येक सत्र में पहले विशेषज्ञों द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया और फिर किसानों को खुलकर सवाल पूछने का अवसर मिला। यह पहल किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई, जिससे वे सीधे वैज्ञानिकों से अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सके।
कृषि संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर कृषि आदान विक्रेता संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष श्री मानसीह राजपूत भी उपस्थित रहे। उनके साथ बकतरा से श्री हेमंत चौहान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कृषि आदान विक्रेता संघ जिला रायसेन के अध्यक्ष श्री प्रणीत जैन (लालू भैया), सचिव श्री राजेश पटेल सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया और मेले में आए किसानों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
किसानों के लिए नई दिशा
उन्नत कृषि महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सहयोग मिले तो खेती को अत्यधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। यह आयोजन किसानों के लिए केवल एक मेला नहीं, बल्कि उनकी आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास साबित हुआ।

— श्री कृष्णा दुबे, जिला संवाददाता
हलधर किसान समाचार / किसान प्लस टीवी, इंदौर
