हलधर किसान: किसानों को मौसम का सटीक पूर्वानुमान, फसल संबंधी सावधानियां बताने के लिए वर्ष 2019 से संचालित जिला कृषि मौसम इकाइयां अब बंद होने जा रही हैं। देशभर के 199 कृषि विज्ञान केंद्रों में संचालित इन इकाइयों को 31 मार्च के बाद बंद कर दिया जाएगा।
बंद होंगी कृषि मौसम इकाइयां
मौसम विज्ञान विभाग ने सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को पत्र जारी कर इसकी सूचना दी है। पहले इसे 31 मार्च तक बंद करने के लिए कहा गया था, लेकिन बुधवार को जारी पत्र में इसकी तारीख घटाकर 29 फरवरी से ही इसे बंद करने को कहा गया है। इसे लेकर किसानों में आक्रोश है।
ज्ञात हो कि विगत चार वर्षों से कृषि एवं मौसम विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र खंडवा द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई जा रही थी। वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा 29 फरवरी 2024 से बंद करने के आदेश पारित किए हैं। जिसके तहत् कृषकों को मौसम की व कृषि संबंधित जानकारी उपलब्ध होना बंद हो जाएगी।
खंडवा जिले में जिला कृषि मौसम इकाई की शुरुआत नवंबर 2019 से मौसम विज्ञान विभाग (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय)एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (कृषि मंत्रालय) के समन्वय से हुई।
कई जिलों के किसानों को मिल रहा था लाभ
इस परियोजना के द्वारा खंडवा जिले के किसानों के साथ ही बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, खरगोन एवं धार जिलों के किसानों को भी लाभ मिल रहा था। जिला कृषि मौसम इकाई द्वारा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को अगले पांच दिन के मौसम (वर्षा, तापमान, आद्र्रता, हवा की गति, हवा की दिशा, बादल आवरण) की जानकारी के साथ ही मौसम आधारित कृषि सलाह पत्रक इंटरनेट मीडिया समूहों के माध्यम से प्रदान किए जा रहे थे।
Read More
- फ्रांस में किसानों का ट्रेक्टर आंदोलन, उपज के कम दामों पर सड़क पर उतर जताया आक्रोश
- देशी जुगाड़: किसान ने कबाड़ ओर बाइक से बना दिया ट्रेक्टर, खेती में हो रहा उपयोग
- भारतीय मूल के 22 वैज्ञानिकों के लिए वैभव फेलोशिप की घोषणा, देश में एआई सहित अनुसंधान में करेंगे मदद
जिससे समय रहते कृषक खेती में फसलों का उचित प्रबंधन कर लेते थे। साथ ही सटीक दवाओं की जानकारी मिलने से किसानों की लागत भी कम होती थी। आकस्मिक आपदाएं आने से तेज आंधी.तूफान के साथ वर्षा होना, ओले गिरनाए आकाशीय बिजली गिरना आदि की जानकारी विभाग द्वारा किसानों को व्हाट्स एप के माध्यम से 48 से 72 घंटों पहले मिल जाती थी। जिससे समय रहते किसानों को फसलों के साथ ही पशुधन एवं जन.धन में होने वाली हानि को कम करने में मदद मिल पाती थी।
समस्याओं पर आनलाइन चर्चा करते थे किसान
जिला कृषि मौसम इकाई के विशेषज्ञ द्वारा प्रत्येक सोमवार को ज़ूम मीटिंग एप पर किसानों के साथ पूर्वानुमान एवं फसलों की समस्याओं पर आनलाइन चर्चा भी की जाती थी। जिससे तुरंत समाधान मिलता था। जिले भर के किसानों से जिला कृषि मौसम इकाई के विशेषज्ञ मोबाइल पर चर्चा करने के लिए हर समय उपलब्ध रहते थे।
जिससे क्षेत्र के किसानों को उचित जानकारी समय समय पर मिल जाती थी। इस परियोजना के द्वारा क्षेत्र के प्रत्येक गांव के किसानों तक मौसम एवं कृषि आधारित उचित सलाह मिलने से कृषि में उन्नत तकनीक व सही दवाओं के सही समय पर उपयोग करने के कारण किसानों की कृषि लागत काफी कम होने के साथ ही उत्पादन में भी बढ़ोतरी होना संभव हो पाया है।

इस उपयोगी परियोजना को मौसम विज्ञान विभाग (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय) द्वारा 31 मार्च 2024 को बंद करने का आदेश निकाल दिया है। जिससे किसान वर्ग में रोष हैं।
इस संबंध में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा पत्र प्राप्त हुआ है। मौसम की जानकारी किसानों को 29 फरवरी के बाद नहीं मिल पाएगी। पहले 31 मार्च तक इसे बंद करने के लिए कहा गया था लेकिन अब 29 फरवरी को बंद करने के निर्देश मिले हैं।- .डा. सौरभ गुप्ता, कृषि एवं मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, खंडवा
