हलधर किसान, बालाघाट। जिले के विकासखंड बैहर में सूर्य उपासना पर्व एवं विक्रम संवत नववर्ष के पावन अवसर पर “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अभियान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान एवं जिला प्रशासन के निर्देशन में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद और जनपद पंचायत बैहर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक कलश यात्रा, तिलक वंदन और ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके पश्चात आयोजित सभा में अतिथियों ने सूर्य उपासना पर्व एवं विक्रम संवत नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि विक्रम संवत भारतीय संस्कृति और परंपरा की गौरवशाली पहचान है, जिसकी शुरुआत 57 ईसा पूर्व उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य द्वारा की गई थी। आज भी यह पंचांग धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक त्योहारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बी.एस. मेरावी, विकासखंड समन्वयक श्री महेश पटले, श्री शिवनाथ यादव, श्री रामेश्वर पटले, श्री नवजीत परिहार एवं श्री महेंद्र नागेश्वर ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, ऐसे में जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। यदि आज से ही हम जल के प्रति सजग नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
वक्ताओं ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल का सदुपयोग करें, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें तथा नदियों, तालाबों और कुओं की स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत कोहका में श्रमदान कर जल संरचनाओं की साफ-सफाई की गई। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए तालाबों और नालों की सफाई की तथा जल संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और पानी के दुरुपयोग से बचने का संकल्प कराया गया।
इस अवसर पर नवांकुर संस्था के श्री कुंदन मेरावी, एपीओ श्री दिलीप कोडपे, पीसीओ श्री लखन मरकाम, एडीओ सुश्री काव्या बिसेन, एडी सुश्री माया धुर्वे, पंचायत सचिव श्री रमेश ढोढरे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को सफल और प्रभावी बनाया।
कार्यक्रम का समापन जनसहभागिता और जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से बैहर क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर एक नई जागरूकता देखने को मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के जल स्रोतों को सुरक्षित और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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