हलधर किसान भोपाल l किसानों को उनकी मेहनत का पूरा और वाजिब मूल्य दिलाने के उद्देश्य से जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-2 6 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तेज़ी से जारी है। 01 दिसम्बर से प्रारंभ हुई इस प्रक्रिया में अब तक बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज का विक्रय कर लाभ उठाया है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 16 दिसम्बर की शाम तक जिले के 39 हजार 425 किसानों से कुल 18 लाख 46 हजार 642 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
इस धान खरीदी के एवज में किसानों को कुल 437 करोड़ 46 लाख 94 हजार 898 रुपए का भुगतान किया जाना है। राहत की बात यह है कि भुगतान की प्रक्रिया भी लगातार आगे बढ़ रही है और अब तक किसानों के बैंक खातों में 83 करोड़ 57 लाख रुपए की राशि अंतरित की जा चुकी है। इससे किसानों में सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
जिले में धान खरीदी के लिए कुल 185 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें गोदाम स्तर और समिति स्तर दोनों प्रकार के केंद्र शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार गोदाम स्तर पर बनाए गए 58 केंद्रों पर 06 लाख 68 हजार 843 क्विंटल धान की खरीदी हुई है, वहीं समिति स्तर के 127 केंद्रों पर 11 लाख 77 हजार 799 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है। खरीदी गई धान में से 11 लाख 08 हजार 495 क्विंटल धान का परिवहन कर सुरक्षित रूप से गोदामों में पहुंचाया जा चुका है।
प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि धान विक्रय के बाद किसानों को भुगतान अधिकतम 03 दिनों के भीतर किया जा रहा है। गोदाम स्तर के केंद्रों पर धान विक्रय करने वाले किसानों के भुगतान आदेश जेआईटी पोर्टल पर पहुंच चुके हैं और शीघ्र ही शेष राशि भी किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। वहीं समिति स्तर के केंद्रों पर धान विक्रय करने वाले किसानों को भुगतान के लिए कुछ दिन प्रतीक्षा करनी होगी, क्योंकि वहां खरीदी गई धान के गोदाम में पहुंचने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ होती है।
जिले के कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन खरीदी केंद्रों पर अधिक मात्रा में धान की आवक हो रही है, वहां विशेष सतर्कता और कड़ी निगरानी रखी जाए। किसानों से निर्धारित मात्रा में ही तौल की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त न की जाए। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों से धान का शीघ्र उठाव कर उसे समय पर गोदामों में पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी केंद्रों पर बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था रहे, ताकि परिवहन या बारदाने की कमी के कारण धान खरीदी प्रभावित न हो। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शासन द्वारा निर्धारित एफएक्यू (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानकों के अनुरूप धान की ही खरीदी की जाए।
प्रशासन की ओर से किसानों से भी अपील की गई है कि वे अपनी धान को अच्छी तरह साफ कर और सुखाकर ही विक्रय के लिए लाएं, ताकि गुणवत्ता जांच में किसी प्रकार की परेशानी न हो। खरीदी केंद्रों पर केवल एफएक्यू गुणवत्ता की धान ही स्वीकार की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 01 लाख 30 हजार 37 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। इससे स्पष्ट है कि जिले में सरकारी समर्थन मूल्य व्यवस्था के प्रति किसानों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
धान खरीदी की यह व्यवस्था न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है।
यह भी पढेंः- जिले में धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार: किसानों को मिल रहा उनकी उपज का वाजिब दाम
