हलधर किसान राजस्थान । अलवर राजस्थान के पशुपालकों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अलवर में राज्य सरकार के 6,453 करोड़ रुपये की लागत वाले 954 विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को लेकर बड़ी घोषणा सामने आई। अलवर में 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाली सरस डेयरी विकसित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे पशुपालकों को दूध के लिए बेहतर बाजार मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

डेयरी और सहकारिता से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता और डेयरी क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने की अपार क्षमता है। इसके माध्यम से गरीब पशुपालकों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक दूध देने वाली गाय और भैंस की बेहतर नस्लों को अलवर सहित राजस्थान के हर घर तक पहुंचाना है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
शाह ने राजस्थान सरकार द्वारा पशुओं के बीमा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत से दूध और दुग्ध उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। ऐसे में राजस्थान का डेयरी क्षेत्र किसानों और पशुपालकों के लिए आय का बड़ा माध्यम बन सकता है।

चार शहरों में भी शुरू होंगे सरस डेयरी प्लांट
अमित शाह ने बताया कि अलवर के साथ-साथ 274 करोड़ रुपये की लागत से भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और राजसमंद में चार सरस डेयरी प्लांट भी शुरू किए जा रहे हैं। इससे राज्य में दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि डेयरी क्षेत्र से किसानों के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को भी रोजगार के अवसर मिलें। सरस डेयरी के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध आधारित छोटे व्यवसायों और सहकारी संस्थाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
किसानों को फसल बीमा और सम्मान निधि का लाभ
कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और वित्तीय सहायता का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से 152 करोड़ रुपये किसानों के खातों में हस्तांतरित किए गए।
वहीं, राजस्थान की मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 67 लाख किसानों को 1,000 रुपये प्रति किसान की दर से 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई। सरकार ने इसे किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके अलावा फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ में चार जिला बैंकों की शुरुआत की गई। इन बैंकों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
राजस्थान में सहकारिता का नेटवर्क होगा मजबूत
अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में करीब 44 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी गांव ऐसा न रहे जहां सहकारी संस्था उपलब्ध न हो।
उन्होंने सहकारी भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। वर्ष 2026-27 में 50 नए गोदाम बनाए जाने हैं, जबकि 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले 62 और 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले 100 गोदाम पहले ही पूरे हो चुके हैं। इससे किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा मिलने के साथ बाजार की स्थिति बेहतर होने तक फसल रोककर रखने में मदद मिलेगी।
2014 से किसानों के लिए लगातार योजनाएं
अमित शाह ने केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक ऐसा कोई वर्ष नहीं रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों के लिए कोई बड़ी पहल न की हो।
उन्होंने गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-नाम, किसान संपदा योजना, डेढ़ गुना एमएसपी, पीएम-किसान सम्मान निधि, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, मत्स्य संपदा योजना, सहकारिता मंत्रालय, किसान समृद्धि केंद्र, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन और पीएम धन-धान्य कृषि योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
एमएसपी में बढ़ोतरी का दावा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि बाजरे के एमएसपी में 130 प्रतिशत, सरसों में 103 प्रतिशत, गेहूं में 84 प्रतिशत, कपास में 120 प्रतिशत और ज्वार में 168 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
एक दिन में 11,953 करोड़ के विकास कार्य
अमित शाह ने बताया कि अलवर में 6,453 करोड़ रुपये के 954 कार्यों की शुरुआत के साथ ही उसी दिन सुबह चित्तौड़गढ़ में 5,500 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए गए। इस तरह राजस्थान में एक ही दिन में कुल 11,953 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और भूमिपूजन हुआ।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ हर गांव को समृद्ध बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अलवर में प्रस्तावित 5 लाख लीटर क्षमता वाली सरस डेयरी को इसी व्यापक अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। यदि डेयरी विस्तार के साथ पशुपालकों को बेहतर नस्ल, पशु बीमा, उचित बाजार, प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादों के निर्यात से जोड़ा जाता है, तो राजस्थान का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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