हलधर किसान नई दिल्ली। देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 अगस्त से कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 17 से 22 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 17-18 अगस्त को भारी बारिश
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 और 18 अगस्त को भारी बारिश होने के आसार हैं। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। भारी बारिश के कारण शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 अगस्त तक कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में 19 से 21 अगस्त के बीच बढ़ेगी मानसूनी गतिविधि
राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 19 से 21 अगस्त के दौरान मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को समय रहते खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा
17 अगस्त को ओडिशा और गंगा के तटीय पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का जोखिम भी जताया है।
ओडिशा के अंगुल, कटक, पुरी और संबलपुर जैसे जिलों तथा पश्चिम बंगाल के मिदनापुर, हावड़ा और झारग्राम में भारी बारिश के कारण जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मौसम विभाग की रेड अलर्ट जैसी गंभीर चेतावनी का मतलब है कि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को तत्काल सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए अभी से तैयारी करने की जरूरत है। धान, मक्का, सोयाबीन और सब्जियों के खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए नालियों को साफ रखें। खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहने से जड़ों में सड़न, फसल गिरने और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है।
बारिश के दौरान खाद और कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करें, क्योंकि बारिश से दवाओं और पोषक तत्वों का प्रभाव कम हो सकता है और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। मौसम साफ होने और खेत की स्थिति सामान्य होने के बाद ही कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार छिड़काव करना बेहतर रहेगा।
पशुपालक भी रहें सावधान
भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पशुपालकों को अपने पशुओं को खुले स्थानों पर बांधने से बचना चाहिए। पशुओं को सुरक्षित और मजबूत शेड में रखें। चारे को बारिश से बचाने के लिए सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि लगातार बारिश के दौरान पशुओं के लिए चारे की कमी न हो।
कुल मिलाकर, 17 अगस्त से देश के कई हिस्सों में मानसून का असर तेज होने वाला है। ऐसे में किसानों, पशुपालकों और आम लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। खेतों में जल निकासी, पशुओं की सुरक्षा और बिजली गिरने से बचाव के उपाय समय रहते करने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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