Headlines

लखनऊ में “फ्रूट होराइज़न-2026” का आगाज़, किसानों और निर्यातकों को मिलेगा नया मंच

Fruit Horizon 2026 launched in Lucknow providing a new platform for farmers and

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिवसीय दौरे पर, बागवानी क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

हलधर किसान, लखनऊ। देश में फल उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित “फ्रूट होराइज़न-2026” कार्यक्रम को लेकर राजधानी लखनऊ में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan 6 और 7 मई को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच रहे हैं। उनके इस दौरे से बागवानी क्षेत्र, विशेषकर फल उत्पादक किसानों को नई ताकत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

image

इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों, निर्यातकों और कृषि से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि फल क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर समग्र रूप से विचार किया जा सके। कार्यक्रम के माध्यम से न केवल उत्पादन बढ़ाने बल्कि गुणवत्ता सुधार, प्रसंस्करण और वैश्विक बाजार में भारतीय फलों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

निर्यातकों के साथ सीधा संवाद

6 मई को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल रेनेसां में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान प्रगतिशील निर्यातकों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में फल निर्यात को बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही निर्यातकों को आने वाली चुनौतियों, वैश्विक बाजार की मांग और गुणवत्ता मानकों को लेकर भी विचार-विमर्श होगा।

इस दौरान निर्यातकों, निदेशकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ केंद्रीय मंत्री का सीधा संवाद होगा, जिससे जमीनी स्तर की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद से किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने का रास्ता मजबूत होगा।

वैज्ञानिकों और किसानों का संगम

कार्यक्रम का मुख्य आयोजन 7 मई को आईसीएआर के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा में आयोजित होगा। यहां सुबह 10 बजे से किसानों, पौधशाला संचालकों और प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद सत्र रखा गया है। इस सत्र में किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत किस्मों और बेहतर प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके बाद मुख्य सत्र आयोजित होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi और उद्यान मंत्री Dinesh Pratap Singh भी भाग लेंगे। इस दौरान राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं, नीतियों और बागवानी क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा की जाएगी।

गुणवत्ता और निर्यात पर विशेष फोकस

“फ्रूट होराइज़न-2026” का मुख्य फोकस फल उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और निर्यात को बढ़ावा देने पर है। कार्यक्रम के एजेंडे में ‘जीरो रिजेक्शन’, वैल्यू एडिशन, एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन), एफपीसी और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की भूमिका जैसे अहम विषय शामिल किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फलों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो और सही तरीके से प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग की जाए, तो भारतीय फल वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

इस आयोजन के जरिए किसानों को नई तकनीकों, बाजार की मांग और निर्यात के अवसरों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिलेगी। साथ ही उन्हें यह समझने का मौका मिलेगा कि कैसे वे अपनी फसल की गुणवत्ता सुधारकर बेहतर दाम प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले वैज्ञानिक किसानों को उन्नत खेती के तरीके, रोग प्रबंधन, और बेहतर उत्पादन तकनीकों के बारे में मार्गदर्शन देंगे। इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और लागत में भी कमी आएगी।

बागवानी क्षेत्र को नई गति

लखनऊ में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इसमें देशभर से आए विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और नीति निर्माता भाग लेंगे, जिससे नई नीतियों और योजनाओं के लिए ठोस आधार तैयार होगा।

कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि “फ्रूट होराइज़न-2026” जैसे आयोजन किसानों को बाजार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि ऐसे प्रयास लगातार होते रहें, तो भारत विश्व स्तर पर फल उत्पादन और निर्यात में अग्रणी स्थान हासिल कर सकता है।

यह भी पढेंः- तमिलनाडु और मेघालय में जैव विविधता संरक्षण के लिए 5 वर्षीय राष्ट्रीय परियोजना शुरू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *