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ICAR का विशेष अभियान 6.0 सफलतापूर्वक संपन्न, देशभर में 8 हजार स्थानों पर चला स्वच्छता अभियान; 14 लाख रुपये का राजस्व भी अर्जित

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13 हजार से अधिक भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की हुई छंटाई, 4 हजार वर्ग फुट से अधिक कार्यालयी जगह कराई गई खाली; वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता जागरूकता पर भी रहा विशेष जोर

हलधर किसान नई दिल्ली। कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देशभर में अपने संस्थानों और प्रतिष्ठानों में विशेष अभियान 6.0 का सफलतापूर्वक समापन किया है। इस अभियान के अंतर्गत स्वच्छता को बढ़ावा देने, कार्यालयों में बेहतर कार्य वातावरण तैयार करने और अनुपयोगी अभिलेखों एवं सामग्री का व्यवस्थित निपटान करने के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की गईं। अभियान के दौरान डीएआरई-आईसीएआर की विभिन्न शाखाओं और संस्थानों में लगभग 8,000 स्थानों पर सफाई की गई। इसके साथ ही रिकॉर्ड प्रबंधन, कार्यालयीन व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गईं।

विशेष अभियान 6.0 की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में 13,000 से अधिक भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की छंटाई शामिल रही। लंबे समय से रखी गई और अनुपयोगी फाइलों की पहचान कर उनके नियमानुसार निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई। इससे न केवल रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिली, बल्कि कार्यालयों में अनावश्यक रूप से घिरी जगह को भी खाली कराया जा सका। अभियान के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 14 लाख रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया गया, जबकि 4,000 वर्ग फुट से अधिक कार्यालयी स्थान खाली कराया गया।

8 हजार स्थानों पर स्वच्छता, कार्यस्थलों को बनाया व्यवस्थित

अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्थानों में स्वच्छता को नियमित कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना भी रहा। इसके लिए कार्यालय परिसरों, प्रयोगशालाओं, संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों, खेतों, मैदानों और सड़कों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न स्तरों पर सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने कार्यस्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।

कार्यालयों में अनुपयोगी सामग्री हटाने, रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे संस्थानों में कामकाज के लिए अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण तैयार करने की दिशा में प्रगति हुई।

डिजिटलीकरण और पर्यावरण संरक्षण को मिली प्राथमिकता

विशेष अभियान 6.0 के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन और डिजिटलीकरण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। भौतिक दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की भी छंटाई की गई, ताकि जरूरी रिकॉर्ड को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जा सके और अनुपयोगी सामग्री का नियमानुसार निपटान हो सके।

इसके अलावा वृक्षारोपण, पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणालियों और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। संस्थानों में कचरे के पृथक्करण पर विशेष जोर दिया गया। धातु और प्लास्टिक से बने कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने की व्यवस्था अपनाई गई, जिससे कचरे के उचित निस्तारण और पुनर्चक्रण की संभावनाओं को बढ़ावा मिला।

इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। आज के समय में कार्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित निपटान पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

जागरूकता शिविर और मुफ्त चिकित्सा शिविरों का आयोजन

स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए संस्थान परिसरों में जागरूकता शिविर भी आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों और आसपास के लोगों को स्वच्छता के महत्व, कचरे के उचित निपटान तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए जागरूक किया गया।

कई संस्थानों और परिसरों में मुफ्त चिकित्सा शिविर भी लगाए गए। इसके माध्यम से कर्मचारियों और संबंधित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। अभियान के दौरान सफाई मित्रों के योगदान को भी महत्व दिया गया और उनका सम्मान किया गया। यह पहल उन कर्मचारियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी, जो प्रतिदिन स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

नागरिक-केंद्रित गतिविधियों और बेहतर सुविधाओं पर जोर

विशेष अभियान के दौरान नागरिक-केंद्रित गतिविधियों को भी शामिल किया गया। इसका उद्देश्य संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और जनहित के अनुरूप बनाना रहा। कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन, स्थान के बेहतर उपयोग और अपशिष्ट निपटान से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के प्रयास किए गए।

अभियान में सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से ही इसे स्थायी बनाया जा सकता है।

निर्धारित लक्ष्यों से आगे रहीं स्वच्छता संबंधी उपलब्धियां

डीएआरई और आईसीएआर के विशेष अभियान 6.0 के दौरान प्राप्त उपलब्धियां निर्धारित लक्ष्यों से अधिक रहीं। लगभग 8,000 स्थानों की सफाई, 13,000 से अधिक फाइलों की छंटाई, 14 लाख रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति और 4,000 वर्ग फुट से अधिक जगह खाली कराना इस अभियान की प्रमुख सफलताएं रहीं।

यह अभियान केवल एक निर्धारित अवधि तक चलने वाली स्वच्छता गतिविधि नहीं, बल्कि संस्थानों में बेहतर कार्य संस्कृति, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।

कृषि अनुसंधान और शिक्षा से जुड़े संस्थानों में स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां किसानों के हित में अनुसंधान, नई तकनीकों का विकास और कृषि शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में स्वच्छता और बेहतर कार्यालय प्रबंधन से संस्थानों की कार्यक्षमता को भी मजबूती मिलती है।

विशेष अभियान 6.0 की उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन और संस्थागत कार्यसंस्कृति का स्थायी हिस्सा बनाना आवश्यक है। डीएआरई-आईसीएआर की यह पहल स्वच्छ परिसर, बेहतर कार्यस्थल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

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