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कृषि आदान व्यापारियों को सजग, सतर्क और संगठित होने की आवश्यकता – प्रदेश अध्यक्ष श्री राजपूत

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जिला स्तरीय सम्मेलन में व्यापारी एकता पर दिया जोर

हलधर किसान, खरगोन।
कृषि आदान विक्रेता संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन डायवर्सन रोड स्थित एक निजी मैरेज गार्डन में आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों ने कृषि आदान व्यापारियों को वर्तमान परिस्थितियों में सजग, सतर्क और संगठित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत, प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण दुबे, प्रदेश सदस्यता प्रभारी विनोद जैन सहित जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह चावला एवं अन्य पदाधिकारी मंचासीन रहे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा कृषि आदान व्यापार से जुड़े कई सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं। यदि इन नियमों को व्यवहारिक और सरल नहीं बनाया गया तो छोटे एवं मध्यम व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती का सामना संगठित शक्ति से ही किया जा सकता है। यदि व्यापारी एकजुट नहीं होंगे तो उनकी समस्याओं की अनदेखी होती रहेगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने ऑनलाइन व्यापार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह “फफूंद की तरह” तेजी से फैल रहा है और पारंपरिक व्यापार व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां दोहरी नीति अपनाकर ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे स्थानीय विक्रेताओं का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते संगठित विरोध नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण दुबे ने कहा कि कृषि आदान व्यापार इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है। शासन स्तर पर लागू किए जा रहे नियम केवल कृषि व्यापार पर कठोरता से लागू किए जा रहे हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में अपेक्षाकृत शिथिलता दिखाई देती है। उन्होंने व्यापारियों को सलाह दी कि वे केवल उन्हीं कंपनियों के उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक उत्पाद बेचें जो सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन कर रही हों। इससे भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में व्यापारियों को संरक्षण मिल सकेगा और प्रतिष्ठान की साख भी बनी रहेगी।

प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी ने उर्वरक, बीज और कीटनाशकों से संबंधित नए नियमों और सख्त प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन पेचीदा नियमों के कारण व्यापारियों में भय का वातावरण बन रहा है। एफआईआर और लाइसेंस निरस्तीकरण की आशंका से करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि संगठन इन नियमों को सरल और व्यवहारिक बनाने के लिए शासन स्तर पर लगातार संवाद कर रहा है।

प्रदेश सदस्यता प्रभारी विनोद जैन ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि तहसील, जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी आवाज उठाने के लिए अधिक से अधिक व्यापारियों का संगठन से जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने सदस्यता अभियान को गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित शक्ति ही व्यापारियों के हितों की रक्षा कर सकती है।

जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह चावला ने बताया कि जिले में लगभग 1400 कृषि आदान व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। इन सभी को संगठन का सक्रिय सदस्य बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी टकराव की स्थिति उत्पन्न करना नहीं, बल्कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए शासन के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करना है।

कार्यक्रम का संचालन नगर अध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार ने किया। सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में कृषि आदान व्यापारी उपस्थित रहे और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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