चना उपज के 4 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि पाने दो माह से कर रहे आंदोलन
हलधर किसान खरगोन। करीब 200 किसानों की चना बिक्री की 4 करोड़ 70 लाख रुपए की बकाया राशि पाने के लिए किसानों की चल रही जद्दोजहद खत्म नही हो रही है। पिछले दो माह से किसान सनावद सहित खरगोन मुख्यालय पर अफसरों के चक्कर लगा रहे है। प्रशासनिक अधिकारी संबंधित व्यापारी की संपत्ति कुर्क कर निलामी की राशि से किसानों का भुगतान करने का आश्वासन जरुर दे रहे है लेकिन कार्रवाई में हो रही देरी से किसानों का सब्र टूटता जा रहा है। अपनी मेहनत की उपज के दाम पाने के लिए किसान अब भूख हड़ताल की राह पर चल पड़े है।
व्यापारी के धोखे के शिकार हुए किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले भुख हड़ताल, धरना आंदोलन शुरु किया है। 4 सदस्य एसडीएम कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे है। मंगलवार को भूख हड़ताल के दौरान किसान रामेश्वर गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिन्हें धरने में शामिल किसान उन्हें तत्काल उन्हें उपचार के लिए शासकीय अस्पताल में लेकर गए, जहां उपचार कराया गया। अस्पताल प्रभारी डॉ. अजय कटारे ने बताया किसान का ब्लड प्रेशर बड़ा है, जिसका उपचार किया है।

मंडी बोर्ड करे ब्याज सहित भरपाई
धरने में शामिल महासंघ के प्रदेश पदाधिकारी गोपाल पाटीदार ने बताया कि अपनी उपज का दाम पाने के लिए किसान मंडी सचिव, तहसीलदार, एसडीएम सहित कलेक्टर से गुहार लगा चुके है लेकिन सभी ने एक ही जवाब दिया है कि संपत्ति कुर्की कर निलामी राशि से भरपाई होगी, लेकिन कुर्की की कार्रवाई में लंबा समय लग रहा है ऐसे में किसान कर्ज कैसे चुकाए, अगली फसल की बुआई कैसे करे, परिवार का भरण- पोषण कैसे करे। हमारी मांग है कि मंडी बोर्ड किसानों की राशि की भरपाई करे, इसके अलावा मंडी अधिनियम के तहत 7 प्रतिशत की दर से ब्याज सहित राशि का भुगतान हो, किसानों को व्यापारी द्वारा कि जा रही खरीदी का नकग भुगतान मंडी में ही किया जाए, इसके अलावा धरना प्रदर्शन के दौरान जो खर्च हुआ है वह मंडी प्रशासन भरपाई करे। इस राशि को व्यापारी पर कार्रवाई कर उस भरपाई प्रशासन करता रहे।
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