हलधर किसान खरगोन। जिले के बिस्टान निवासी भीमसिंह चौहान ने परंपरागत खेती के साथ.साथ स्वयं की 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि में मत्स्य पालन एवं मत्स्य बीज संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। अब उनके पुत्र राहुल चौहान ने इस व्यवसाय को अपना लिया है और मत्स्य पालन से दो से ढाई लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। राहुल चौहान ने मत्स्य पालन व्यवसाय अपनाकर युवाओं को एक नई राह दिखाई है। भीमसिंह चौहान ने बामंदी शासकीय हेचरी से मत्स्य बीज स्पान के उत्पादन एवं उसके रख.रखाव की जानकारी हासिल करने के बाद अपने निजी खेत पर मत्स्य पालन का कार्य प्रारंभ किया था। जून से अगस्त तक लगभग 02 लाख स्टेंडर्ड फ्राय मत्स्य बीज तथा अगस्त के बाद लगभग 15 क्विंटल मत्स्य उत्पादन किया गया है। उनके तालाब से निकली मछलियों को स्थानीय बाजार में बेचने से उन्होंने 03 लाख रुपये का कारोबार किया है। इस कार्य में उन्हें 80 से 90 हजार रुपये की लागत आयी थी और 02 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है।

राहुल चौहान ने स्नातक एवं डेयरी में डिप्लोमा करने के बाद शासकीय नौकरी के लिए हाथ अजमाने का प्रयास किया। लेकिन नाकाम रहने पर अपने पिता के व्यवसाय को अपना लिया है। राहुल अब अपने पिता के मत्स्य पालन के कार्य को पूरी तरह से संभाल रहे हैं। राहुल अपने खेत की शेष भूमि पर मछली पालन करने वाले तालाब के पानी का उपयोग जैविक उवर्रक के रूप में कर रहे हैं। इससे उनकी खेती की लागत कम होने के साथ ही उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है। राहुल चौहान ने युवाओं को संदेश दिया है कि वे मत्स्य पालन के क्षेत्र में आगे आएं, इससे कम समय में अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
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