जिले में 244538 दुधारू पशु, प्रति पशु 2.5 केजी दूध का हो रहा है उत्पादन
हलधर किसान , बालाघाट। दूध उत्पादन के मामलें में बालाघाट जिला 3 संभागों में अग्रणी जिले की पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। सितंबर 23 में जबलपुर दुग्ध संघ की वार्षिक साधारण सभा में बालाघाट जिले की दुग्ध समितियों ने अलग अलग मामलें में स्थान पाऍ है। जिला दुग्ध संघ की मैनेजर सुश्री माधुरी ने बताया कि जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 16 जिलो में से बालाघाट की 4 दूध समितियों के कार्यो को सराहा गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले की 113 दुग्ध समितियों द्वारा किसानों से निर्धारित दर पर दूध खरीदा गया। जबलपुर दुग्ध संघ को सर्वाधिक दूध विक्रय करने वाली 5 दूध समितियों में सभी बालाघाट की है। साथ ही अलग अलग मामलों में अच्छा स्थान भी पाया है।
छिंदगांव सर्वाधिक दूध संकलन में प्रथम तो छिंदलाई को अच्छी गुणवत्ता का में द्वितीय स्थान –
बालाघाट में दुग्ध समिति छिंदगांव को संघ द्वारा सर्वाधिक दुग्ध संकलन करने के मामलें में प्रथम स्थान मिला है। वहीं छिंदलाई समिति को अच्छी गुणवत्ता के आधार पर द्वितीय स्थान और तीन संभागों में सर्वाधिक पशु आहार विक्रय करने वाली समिति में कुरैण्डा को प्रथम व चंगाटोला को तृतीय स्थान मिला है। छिंदगांव की समिति प्रतिदिन 1366 किलों दुग्ध का क्रय करती है इस समिति द्वारा 5 गांवों से दुध खरीदी का कार्य किया जाता है। नगपुरा सें 315 किलो. प्रतिदिन कुरैण्डा सें 245 किलों प्रतिदिन दुध क्रय होता हैं।

जिले में 300 ग्राम से अधिक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता –
बालाघाट जिला उन जिलो में शामिल है जहां दूध की अच्छी उपलब्धता है। साथ ही पशुधन के मामले में भी अग्रणी जिलो में शामिल है। पशुपालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कुल पशु 1127416 है। जिसमें 244538 पशु दुधारू है। जिले में प्रति दुधारू पशु का दूध उत्पादन 2.583 किलो है। वहीं जिले में प्रति व्यक्ति 0.3711 किलो. दूध की उपलब्धता है। जिले में प्रतिदिन 631667.468 किलो. दूध का उत्पादन हो रहा है।
जिले में 11 मिल्क पार्लर खोलने का प्रस्ताव –
दुग्ध संघ की मैनेजर माधुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अभी 8 सांची मिल्क पार्लर स्थापित है। जबकि आने वाले समय में जिले के विभिन्न तहसीलों में 11 सांची मिल्क पार्लर खोलने का प्रस्ताव है। हालांकि इसकी प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी गई है।
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