हलधर किसान कोलकाता/मुंबई/ केंद्र सरकार ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात से प्रतिबंध हटा दिया है। निर्यातकों ने इस फैसले का स्वागत किया। घरेलू बाजार में चावल की उपलब्धता और कीमतें नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने जुलाई 2023 में निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी।
चावल निर्यातक कंपनी राइस विला के सीईओ सूरज अग्रवाल ने कहा कि गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का भारत का साहसिक निर्णय कृषि क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर है। इस रणनीतिक कदम से निर्यातकों की आय बढ़ेगी। साथ ही किसान भी सशक्त होंगे क्योंकि उन्हें आगामी खरीफ फसल की अच्छी कीमत मिलेगी। एक अन्य चावल निर्यातक, हलदर ग्रुप के केशब केआर हलदर ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की। वह गैर-बासमती चावल पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग कर रहे थे।
उसना चावल पर निर्यात शुल्क घटकर 10 फीसदी हुआ

केंद्र सरकार ने उसना चावल पर निर्यात शुल्क में 10 फीसदी की कटौती की है। सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, उसना चावल पर निर्यात शुल्क को 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। भारत इस चावल का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। सरकार ने 2023 में उबले चावल के निर्यात पर 20 फीसदी शुल्क लगाया था क्योंकि इसकी फसल सामान्य से कम बारिश से प्रभावित हुई थी।
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