खनन क्षेत्र के समग्र, सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
हलधर किसान दिल्ली l गुजरात की राजधानी गांधीनगर में 8 से 10 जनवरी, 2026 तक राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविर का आयोजन खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य देश के खनन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख नियामक, नीतिगत एवं विकासात्मक मुद्दों पर गहन और संरचित विचार-विमर्श करना है। साथ ही, इस मंच के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन 9 जनवरी 2026 को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन एवं प्रदर्शनी केंद्र में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल तथा कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा, देश के विभिन्न राज्यों के खान मंत्री, केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र के विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े प्रमुख हितधारक भी इस शिविर में भाग लेंगे।
राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर-2026 का मुख्य फोकस खनिज मिशन पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य देश में स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक एवं रणनीतिक खनिजों की घरेलू उपलब्धता को सुदृढ़ करना है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में खनिज संसाधनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है, ऐसे में यह चिंतन शिविर भारत की दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है।
शिविर के दौरान खनिज अन्वेषण प्रयासों को बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा, घरेलू प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को प्रोत्साहन देने तथा केंद्र-राज्य समन्वय में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही खनिज ब्लॉकों की खोज और नीलामी प्रक्रिया, टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खनन पद्धतियां, उन्नत तकनीकों का उपयोग, खान सुरक्षा, व्यापार करने में सुगमता और खनिज क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे।
इस चिंतन शिविर में आयात पर निर्भरता कम करने, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देने और देश के खनन इकोसिस्टम को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। खनन क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और नीति सुधार के माध्यम से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने की रणनीति पर भी मंथन होगा।
राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर-2026 केंद्र और राज्य सरकारों के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, चुनौतियों के समाधान और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप एक साझा, समन्वित रोडमैप तैयार करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस शिविर से निकले निष्कर्ष और सुझाव आने वाले वर्षों में देश के खनन क्षेत्र को अधिक संगठित, पारदर्शी और सतत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कुल मिलाकर, गांधीनगर में आयोजित यह राष्ट्रीय चिंतन शिविर भारत के खनन क्षेत्र के समग्र विकास, खनिज सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होने की उम्मीद है।
यह भी पढेंः- कृषि महाविद्यालय बालाघाट में मशरूम यूनिट का भव्य उद्घाटन
