खरगोन में “अमृत कंठ अभियान” बना पक्षियों के लिए जीवनदायिनी पहल

Amrit Kanth Abhiyan in Khargone becomes a life saving initiative for birds

पक्षियों के लिए

भीषण गर्मी में पक्षियों को बचाने न्यायिक टीम, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने संभाली जिम्मेदारी

हलधर किसान खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी इंसानों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है। तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंचने से खुले आसमान में रहने वाले पक्षियों को पानी और भोजन के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे कठिन समय में खरगोन शहर में शुरू किया गया “अमृत कंठ अभियान” पक्षियों के लिए जीवनदायिनी पहल बनकर सामने आया है। इस अभियान के माध्यम से शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर मिट्टी के सकोरे (पानी के पात्र) रखकर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की जा रही है।

अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। भीषण गर्मी में पक्षियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से न्यायिक टीम द्वारा अब तक 200 से अधिक सकोरे वितरित किए जा चुके हैं। न्यायालय परिसर, मंदिर, पार्क, विद्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इन पात्रों में नियमित रूप से पानी भरा जा रहा है ताकि पक्षियों को प्यास से बचाया जा सके।

न्यायिक टीम ने दिखाई संवेदनशीलता

“अमृत कंठ अभियान” के तहत न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की टीम ने सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। न्यायिक टीम का कहना है कि गर्मी के मौसम में पक्षियों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। कई बार पानी नहीं मिलने के कारण पक्षियों की मौत तक हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया, ताकि हर क्षेत्र में पक्षियों को आसानी से पानी उपलब्ध हो सके।

अभियान के अंतर्गत लगाए गए मिट्टी के सकोरे पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ पानी को ठंडा बनाए रखते हैं, जिससे पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण जैसा अनुभव मिलता है। टीम के सदस्य नियमित रूप से इन पात्रों की निगरानी भी कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनमें पानी की कमी न हो।

सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाया सहयोग

इस पुनीत कार्य में सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई है। शहर की मारवाड़ी महिला समिति सहित कई संस्थाओं ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों की छतों, बालकनी और आंगन में मिट्टी के पात्र रखें तथा प्रतिदिन उनमें पानी भरें। समिति का कहना है कि यदि हर घर एक सकोरा भी रख दे तो हजारों पक्षियों को राहत मिल सकती है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह केवल एक सेवा कार्य नहीं बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पक्षियों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है। यदि पक्षियों की संख्या कम होती है तो इसका असर खेती और प्राकृतिक चक्र पर भी पड़ता है।

14 वर्षों से लगातार कर रहा परिवार सेवा

खरगोन में एक स्थानीय परिवार पिछले 14 वर्षों से निःशुल्क सकोरे बांटकर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण पेश कर रहा है। परिवार हर वर्ष गर्मी शुरू होते ही हजारों लोगों को मिट्टी के पात्र वितरित करता है और उन्हें पक्षियों के लिए पानी रखने के लिए प्रेरित करता है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि पक्षियों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है और हर व्यक्ति को इस दिशा में योगदान देना चाहिए।

उनके इस प्रयास से प्रेरित होकर अब शहर के कई युवा और सामाजिक संगठन भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं। लोग अपने बच्चों को भी पक्षियों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए घरों में सकोरे रख रहे हैं और नियमित रूप से पानी भरने की जिम्मेदारी दे रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान, पेड़ों की कटाई और जल स्रोतों के खत्म होने से पक्षियों का जीवन संकट में पड़ता जा रहा है। ऐसे में इस प्रकार के अभियान पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश देते हैं। मिट्टी के सकोरे लगाने से न केवल पक्षियों को राहत मिलती है बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

शहरवासियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए पानी रखना मानवता का सबसे सरल और श्रेष्ठ कार्य है। कई लोगों ने अपने मोहल्लों और बाजार क्षेत्रों में भी सकोरे लगाने की शुरुआत कर दी है।

जनभागीदारी से बनेगा बड़ा अभियान

“अमृत कंठ अभियान” अब केवल एक सामाजिक पहल नहीं बल्कि जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि समाज के सभी लोग छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाएं तो हजारों पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के दिनों में अपने घरों, दुकानों और संस्थानों के बाहर पानी के पात्र अवश्य रखें और उन्हें प्रतिदिन साफ कर ताजा पानी भरें।

भीषण गर्मी के इस दौर में खरगोन का यह अभियान मानव संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण और जीव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है। “अमृत कंठ अभियान” यह संदेश दे रहा है कि छोटी-सी पहल भी किसी जीव के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

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