एक सप्ताह में दो आदेश हो रहे वायरल, किसानों में भ्रम
हलधर किसान, इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन के गिरते दामों के चलते किसानों को राहत देते हुए 11 सितंबर को सोयाबीन खरीदी के दाम में 892 रुपए की बढ़ोत्तरी करते हुए खरीदी दाम 4892 रुपए तय करने के आदेश जारी किए थे, इस आदेश के दूसरे ही दिन याने 13 सितंबर को फिर एक नए आदेश की कॉपी वायरल होने लगी, जिसमें सोयाबीन का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 5789 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने का जिक्र है। इस आदेश के बाद किसान जहां असमंजस में है तो वही सरकार को आनन-फानन में इस पत्र के खिलाफ एक्शन लेना पडा। सरकार ने तुरंत इस पत्र को फर्जी बताते हुए भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सचिव एम.सेल्वेंद्रन ने बताया है कि सोशल मीडिया पर वर्ष 2024 .25 के लिए सोयाबीन की एमएसपी बढ़ाने संबंधी पत्र वायरल हो रहा है वह पूरी तरह से फर्जी है। भ्रामक समाचार फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेंगे।
कृषि संगठनों ने भी जताई नाराजगी
एक ही सप्ताह में कृषि विभाग से दो पत्र वायरल होने पर कृषि संगठनों में भी चर्चाओं का दौर चलने लगा है। जागरुक कृषि आदान विक्रेता संघ जिलाध्यक्ष श्रीकृष्णा दुबे ने बताया कि वर्तमान दौर में तकनिक जितनी लाभ पहुंचा रही है उतना ही नुकसान भी हो रहा है। एक शासकिय आदेश के नाम पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है तो आम आदमी कैसे बचेगा। सरकार को ऐसे मामलों में सख्त निर्णय लेना चाहिए।

कृषि आदान विक्रेता संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी बताया कि 11 सितंबर को जारी हुए आदेश के बाद एक बार फिर नया आदेश जारी हुआ जो पहले ही संदेश के दायरे में था। अब शासन स्तर पर भी इस नए आदेश को फर्जी करार दिया है, जिससे असमंजस की स्थिति दूर हो गई है।
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