सांसद पारधी ने जम्बो सीताफल को GI टैग देने की मांग उठाई

MP Pardhi raised the demand for giving GI tag to Jumbo Custard Apple

हलधर किसान बालाघाट l बालाघाट–सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी ने आज संसद के शीतकालीन सत्र के शून्यकाल में सिवनी जिले के विश्व-प्रसिद्ध जम्बो सीताफल को भौगोलिक संकेत “जीआई (Geographical Indication) टैग” दिलाने की महत्वपूर्ण मांग को जोरदार तरीके से उठाया। लंबे समय से लंबित यह मुद्दा अब दोबारा केंद्र सरकार के संज्ञान में आने से किसानों और बागवानों में नई उम्मीद जगी है।

सांसद पारधी ने सदन में कहा कि सिवनी क्षेत्र का जम्बो सीताफल अपने अनोखे आकार, उत्कृष्ट स्वाद, प्राकृतिक मिठास और विशिष्ट उत्पादन तकनीक के कारण न केवल पूरे देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पहचाना जाता है। इसके बड़े आकार, उच्च उत्पादन क्षमता और बेहतर गुणवत्ता ने इसे ‘ब्रांड सिवनी’ के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस पारंपरिक और महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद को औपचारिक पहचान दिलाई जाए, जिससे किसानों का भविष्य सुरक्षित हो और उनकी आय में सतत वृद्धि हो सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जीआई टैग मिलने से जम्बो सीताफल की आधिकारिक पहचान मजबूत होगी, जिसके बाद इस फल की नकल रोकना आसान होगा और बाजार में इसकी विशिष्टता बनी रहेगी। GI टैग मिलने से किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा, बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और देश-विदेश के बाजारों में इसकी मांग बढ़ेगी। इससे क्षेत्र के युवा किसानों, बागवानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सांसद पारधी ने केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि जम्बो सीताफल के GI पंजीयन की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि सिवनी जिले के हजारों किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने बताया कि इस उत्पाद की विशिष्टता और इसकी उत्पादन परंपरा इसे GI मानकों के अनुकूल बनाती है, इसलिए प्रक्रिया में विलंब उचित नहीं है।

जैसे ही यह मुद्दा संसद में उठा, सिवनी और आसपास के क्षेत्रों के किसानों, जम्बो सीताफल उत्पादक समूहों, बागवानों और स्थानीय उद्यमियों में उत्साह का माहौल देखा गया। किसानों ने कहा कि GI टैग मिलने से सीताफल की ब्रांड वैल्यू और अधिक बढ़ेगी, जिससे देशभर की मंडियों में बेहतर दाम प्राप्त होंगे। वहीं स्थानीय उद्यमियों ने इसे प्रसंस्करण उद्योग, पैकेजिंग यूनिट्स और एग्री-बेस्ड स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाला कदम बताया।

स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग प्राप्त होने के बाद जम्बो सीताफल की वैज्ञानिक खेती, प्रशिक्षण, पौध संवर्धन और विपणन के नए अवसर पैदा होंगे। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि किसान आधुनिक और टिकाऊ खेती की ओर भी अग्रसर होंगे।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि जम्बो सीताफल की पहचान को राष्ट्रीय मान्यता मिलने का यह सही समय है। यदि जल्द ही GI टैग मिल जाता है, तो यह कदम सिवनी जिले को कृषि क्षेत्र में नई पहचान देगा और इसे देश के प्रमुख फल उत्पादक जिलों की श्रेणी में शामिल करेगा।

सांसद पारधी की इस पहल को पूरे क्षेत्र में बेहद सराहनीय कदम के रूप में देखा जा रहा है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी और जम्बो सीताफल अपनी अनूठी विरासत के साथ GI टैग की सूची में शामिल होगा।

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