हलधर किसान, नईदिल्ली। फॉस्फेटिक और पोटैसिक (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को स्वीकृति मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रबी फसल सत्र 1 अक्टूबर से 31 मार्च 2025 तक के लिए उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरें तय करने के उद्देश्य से रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस संबंध में रबी फसल सत्र 2024 के लिए अस्थायी बजटीय आवश्यकता लगभग 24,475.53 करोड़ रुपये होगी। इस पहल से किसानों को रियायती, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उर्वरकों तथा निविष्टियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए फॉस्फेटिक और पोटैसिक उर्वरकों पर सब्सिडी को तर्कसंगत बनाया जाएगा।

सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर 28 ग्रेड के फॉस्फेटिक और पोटैसिक उर्वरक उपलब्ध करा रही है। ऐसे पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी एक अपै्रल 2010 से पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना द्वारा नियंत्रित होती है। सरकार अपने किसान हितैषी दृष्टिकोण के अनुरूप, देश के किसानों को किफायती मूल्यों पर पीएंडके उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने उर्वरकों और निविष्टियों यानी यूरिया, डीएपी, एमओपी तथा सल्फर की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए रबी 2024 के लिए फॉस्फेटिक और पोटैसिक उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना दरों को मंजूरी देने का फैसला किया है। उर्वरक कंपनियों को अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुसार सब्सिडी प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को सस्ते दामों पर उर्वरक उपलब्ध करायी जा सके।
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