राजस्थान बीज मामला, मिली क्लीन चिट, मंत्री बोले जारी रहेगी जांच

Rajasthan seed case got clean chit minister said investigation will continue

हलधर किसान। राजस्थान गंगानगर में बीज फेक्ट्रियो पर एक के बाद एक छापामार कार्रवाई की गई। हालांकि शुरुआती  में फिलहाल किसी भी फैक्टरी में  अमानक बीज का मामला सामने नही आया है। जिससे व्यापारियों ने राहत महसूस की है। उल्लेखनीय है कि अमानक बीज की आशंका में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक के बाद एक फेक्ट्रियो न निरीक्षण किया था। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों पर भी किसान सन्देह करने लगे थे। इस पर कृषि आदान विक्रेता संघ के बैनर तले विरोध स्वरूप प्रतिष्ठान बंद रखे गए थे।

कृषि आदान विक्रेता संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलन्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय रघुवंशी, मप्र प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत, उपाध्यक्ष एवं जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ अध्यक्ष श्रीकृष्ण दुबे ने बताया शासन किसानों को गुणवत्ता युक्त खाद बीज मिले इसके लिये गम्भीर है यह अच्छी बात है लेकिन व्यापारियों को सीधे गलत ठहराकर मनमाने तरीके से छापामार कार्रवाई करना व्यापारियों के अधिकारों का हनन है। अपवाद छोड़ दे तो हर सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद बीज उपलब्ध कराना व्यापारियों की प्राथमिकता होती है और इसी भरोसे से किसान और व्यापारी दोनों जुड़े है। शासन की ऐसी कार्रवाई से कही न कही यह भरोसा टूटता है। 

किरोड़ीलाल मीणा ने बिना जांच के ही बीजों को अमानक करार दे दिया था। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई जांच में भी किसी भी बीज निर्माता कम्पनी का बीज अमानक नहीं मिला है, बल्कि छोटी-मोटी अनियमितताएं जरूर मिली हैं। कुल मिलाकर मामला कुछ नहीं था और शोर ज्यादा मचा दिया। जांच के बाद मामला  टाइ-टायं फिस हो गया। कृषि मंत्र किरोड़ीलाल मीणा ने 3 व 4 जून को 13 बीज फैक्ट्रि‌यों पर छापा मारकर बीज अमानक पाए जाने के आरोप लगाए थे। कृषि मंत्री के आदेश पर जिन बीज फैक्ट्रियों का यहां छापा मारा गया था, वहां कृषि अधिकारियों की टीमों ने गहनता से जांच को।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विस्तार डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने कृषि आयुक्त राजस्थान को भेजी अनुपालना रिपार्ट में बताया है कि रीको स्थित बीज उत्पादक फर्म जयशंकर सीड्स की जांच दलवीर कौर सहायक निदेशक कृषि विभाग खण्ड श्रीगंगानगर * ने जांच की। उन्हेंनि जो नमूने लिए और 86.30 क्विंटल बीज की मात्रा की बिक्री पर रोक लगाई|  उसमें बुकरम पर्ची नहीं लगाई गई। 

जिसे गंभीर अनियमितता माना गया है। 

जांच के बाद अब स्थिति स्पष्ट हुई है कि बीज अमानक नहीं है, बल्कि उत्पादन में अनियमितताएं पाई गई।

अधिकारियों को दिए जांच के आदेश

इस बीच राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री मीणा ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली. इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को बीजों और खाद में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके परिणाम गंभीर होंगे. मिलावटखोरों के एक छोटे से मुनाफे के लिए किए जाने वाले अवैध बीजों और उर्वरकों के सेवन से किसान और उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं. जिसको लेकर इसी तरीके से छापेमारी जारी रहेगी.

कृषि विभाग की टीमें प्रत्येक इकाई के रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जिले में लगभग 50 बीज निर्माण इकाइयों की जांच के लिए निरीक्षकों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। घड़साना में भी बीज निर्माण इकाई की जांच की गई।

उधर, राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था जयपुर के निदेशक केसी मीणा और उनकी टीम भी श्रीगंगानगर आई हुई थी। उन्होंने बीज निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया और रॉ मटीरियल की मात्रा,प्रमाणीकरण दस्तावेजों और स्टॉक रिकॉर्ड की समीक्षा की। जांच में पाया गया कि वर्तमान में जिले में बीज इकाइयों में गेहूं,जौ, सरसों और चना के बीज तैयार करने के लिए 70 प्रतिशत रॉ मेटीरियल का स्टॉक कर रखा है। टीम ने प्रमाणित बीज और टीएल बीज की गाइड लाइन के अनुसार जांच की। 

रिकॉर्ड का कर रहे मिलान

कृषि विभाग की टीम बीज निर्माता इकाइयों पर मूल जर्म प्लाज्म से संबंधित बीज का स्रोत, बीज उगाने से कटाई तक की निरीक्षण रिपोर्ट, बीज का मल्टीप्लेशन व उगाने वाले किसानों की सूची,बीज के कट्टों पर बुकरम पर्ची की सूचना,तैयार किए गए टीएल व प्रमाणित बीजों की अंकुरण परीक्षण रिपोर्ट,बीज उपचार का सही तरीका व प्रयोग किए गए पदार्थ की सूचना और बीज उत्पादन का लाइसेंस व बीज के किस्मों की अनुमति के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच रही हैं

यह भी पढेंः- राजस्थान में खाद के बाद अब बीज फैक्ट्रियों पर मंत्री की छापेमारी कार्रवाई

haldhar kisan 01 copy 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *