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जल्द दूध का हब बनेगा झारखंड का साहिबगंज

50 हजार लीटर क्षमता वाला डेयरी प्लांट हुआ है तैयार

हलधर किसान। झारखंड का साहिबगंज जिला भी दूध उत्पादन के क्षेत्र में जल्द अपनी नई पहचान बनाने वाला है। यहां. जिले में 50 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट की शुरुआत जल्द ही होने वाली है. फिलहाल यह प्लांट ट्रायल रन पर चल रहा है. हर दिन यहां पर किसानों द्वारा 10 हजार लीटर दूध की आपूर्ति की जा रही है.।
राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्लांट का उद्घाटन कर सकते हैं. साहेबगंज स्थित इस डेयरी प्लांट का निर्माण 33 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है. राज्य सरकार की स्वामित्व वाली झारखंड मिल्क फेडरेशन का यह छटा प्रोसेसिंग प्लांट है. यह मेधा नाम के ब्रांड द्वारा संचालित होता है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक झारखंड मिल्क फेडरेशन के एमडी सुधीर सिंह ने बताया कि यह डेयरी प्लांट साहिबगंज जिले की पहचान को बदल देगा. साथ ही जिले और राज्य को विकास की गति प्रदान करेगा और क्षेत्र में गौपालकों को इससे काफी लाभ होगा.
रोजाना 10 हजार लीटर दूध की हो रही आपूर्ति
उन्होंने कहा की प्लांट बन जाने के बाद साहिबगंज जिला दूध उत्पादन के लिए मशहूर हो जाएगा. साथ ही बताया कि प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो चुका है. सुधीर सिंह ने कहा कि यहां पर डेयरी प्लांट खुलने से पहले यह अवधारणा थी कि क्षेत्र में उन्हें किसानों के पास से पर्याप्त मात्रा में कच्चे दूध की आपूर्ति नहीं हो पाएगी. लेकिन अब तक जो परिणाम आ रहे हैं वो काफी उत्साहजनक है. ट्रायल रन के दौराम ही प्लांट में हर रोज किसानों द्वारा 10 हजार लीटर कच्चे दूध कि आपूर्ति की जा रही है.

अगले तीन से चार वर्षों में बढ़ेगा उत्पादन
सुधीर सिंह ने बताया कि किसानों से दूध की आपू्र्ति के बदले जेएमएफ प्रतिवर्ष किसानों को 200 करोड़ रुपए का भुगतान करती है. हर 10 दिन पर फेडरेशन किसानों को पैसों का भुगतान करता है. साहिबगंज में शुरू होने वाला नया संयत्र झारखंड को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि साहिबगंज के प्लांट की क्षमता को जरूरत पड़ने पर आवश्यकता के अनुसार एक लाख लीटर तक किया जा सकता है. एक बार शुरू हो जाने के बाद ज्लद ही यह पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेगा. जेएमएफ द्वारा वर्तमान में 1.5 लाख लीटर दूद रोजाना हो रहा है. अगले तीन से चार वर्षों में इसे पांच लाख लीटर रोजाना तक करने की योजना पर काम हो रहा है.

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