सीहोर में वेयरहाउस की सब्सिडी जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत, दो वेयरहाउस से कुल 1.60 लाख रुपये मांगने का आरोप
नई दिल्ली/सीहोर। किसानों, वेयरहाउस संचालकों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के स्तर से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में वेयरहाउस की सब्सिडी राशि जारी करने के एवज में कथित रूप से रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में आने के बाद की गई।
मंत्रालय से सामने आई जानकारी के अनुसार, अधिकारी अनुराग पर सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान दो वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में रकम मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में भैरुंदा तहसील स्थित शिवाय वेयरहाउस से एक लाख रुपये तथा रेहटी क्षेत्र के ग्राम बेहराखेड़ी स्थित श्री कृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपये की कथित मांग का उल्लेख किया गया है। दोनों मामलों को मिलाकर कथित रूप से 1 लाख 60 हजार रुपये की मांग की बात सामने आई है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायत
जानकारी के मुताबिक, संबंधित विपणन अधिकारी सीहोर जिले में वेयरहाउस के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान सब्सिडी से संबंधित प्रक्रिया को लेकर वेयरहाउस संचालकों की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सब्सिडी की राशि जारी करने की प्रक्रिया के बदले निर्धारित सरकारी प्रक्रिया से अलग रकम की मांग की गई।
शिकायतकर्ताओं की ओर से मामला केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाया गया। केंद्रीय मंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दो वेयरहाउस से रकम मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार, भैरुंदा तहसील के शिवाय वेयरहाउस से सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में 1 लाख रुपये की कथित मांग की गई थी। वहीं रेहटी क्षेत्र के बेहराखेड़ी गांव स्थित श्री कृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया। इस तरह दोनों मामलों में कथित मांग की कुल राशि 1.60 लाख रुपये बताई गई है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि रिश्वत मांगने से संबंधित बातें फिलहाल शिकायत और आरोप के रूप में सामने आई हैं। निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई है और अंतिम तथ्य विभागीय जांच अथवा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के परिणामों से स्पष्ट होंगे। उपलब्ध रिपोर्टों में भी मामले को शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई के रूप में बताया गया है।
शिकायत मिलते ही मंत्रालय ने लिया संज्ञान
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री के संज्ञान में पहुंचने के बाद कार्रवाई में देरी नहीं हुई। मंत्रालय की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश के बाद संबंधित विपणन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
कृषि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी किसानों, कृषि उद्यमियों और वेयरहाउस संचालकों के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। वेयरहाउस कृषि उपज के भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, इसलिए इनके लिए उपलब्ध सरकारी सहायता की प्रक्रिया भी स्पष्ट और जवाबदेह होना जरूरी है।
सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि कृषि मंत्रालय से जुड़ी योजनाओं और प्रक्रियाओं में शिकायतों को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेष रूप से उन मामलों में जहां सरकारी सहायता, सब्सिडी या अन्य लाभ जारी करने की प्रक्रिया से किसी अधिकारी पर अनियमितता का आरोप लगता है, शिकायत के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
वेयरहाउस संचालकों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित नियमों और दस्तावेजी प्रक्रिया के आधार पर मिलना चाहिए। यदि किसी सरकारी प्रक्रिया के दौरान अनधिकृत भुगतान की मांग की जाती है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकरण के समक्ष शिकायत करना आवश्यक है।
आगे जांच से साफ होगी पूरी तस्वीर
विपणन अधिकारी अनुराग के निलंबन के बाद मामले में विभागीय स्तर पर आगे की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित दस्तावेजों, निरीक्षण प्रक्रिया और सब्सिडी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। इसके बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद हुई यह कार्रवाई फिलहाल सीहोर जिले के दो वेयरहाउस से जुड़ी शिकायत पर केंद्रित है। मंत्रालय स्तर पर संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में की गई है।
कृषि आदान व्यापारियों से अवैध राशि की मांग अनुचित : कृष्णा दुबे
जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ, जिला इंदौर के अध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे ने कृषि आदान व्यापारियों की समस्याओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापार के दौरान विभागीय कार्यों और छोटी-मोटी प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए अधिकारियों द्वारा कुछ मामलों में अनधिकृत राशि की मांग की जाती है, जो पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यापारी नियमों या संबंधित अधिनियम का उल्लंघन करता है अथवा कोई गंभीर गलती करता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होना अलग विषय है। लेकिन जब कोई व्यापारी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और नियमों का पालन करते हुए अपना व्यवसाय कर रहा हो और इसके बावजूद उससे किसी प्रकार की अवैध राशि मांगी जाए, तो ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं हो सकती।
कृषि आदान व्यापारियों से अपील करते हुए श्री दुबे ने कहा कि यदि किसी व्यापारी से विभागीय स्तर पर अनुचित राशि की मांग की जाती है, तो वह तत्काल संगठन को इसकी जानकारी दें। संगठन व्यापारी के साथ खड़ा रहेगा और मामले में नियमानुसार हरसंभव सहयोग करेगा।
उन्होंने हाल ही में वेयरहाउस से जुड़े मामले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिखाई गई तत्परता का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार इस मामले में त्वरित कार्रवाई हुई है, उसी प्रकार कृषि आदान व्यापारियों की समस्याओं और उनकी परेशानियों के समाधान के लिए भी केंद्रीय स्तर पर सहयोग मिले तो यह व्यापारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।
श्री दुबे के अनुसार, प्रदेश, देश, जिले और तहसील स्तर के कृषि आदान व्यापारियों को केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से काफी उम्मीदें हैं। मध्यप्रदेश से केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे श्री चौहान से कृषि आदान व्यापारियों को विश्वास है कि उनकी समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाएगा और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा।

श्री कृष्णा दुबे
अध्यक्ष, जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ, जिला इंदौर
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