हलधर किसान। भारत ने पोलैंड से अनूठे कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की अपनी पहल के तहत अंजीर के रस की पहली खेप पोलैंड को निर्यात की है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने जीआई-टैग वाले अंजीर से बने भारत के पहले रेडी-टू-ड्रिंक अंजीर जूस के पोलैंड निर्यात किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि एपीडा की मदद से अंजीर के जूस को इटली के रिमिनी में ‘मैकफ्रूट 2024’ में भी प्रदर्शित किया गया। इससे इसकी वैश्विक स्तर पर पहुंच बन गई है। वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने जीआई-टैग वाले पुरंदर अंजीर से बने भारत के पहले पीने के लिए तैयार अंजीर के रस के पोलैंड को निर्यात की सुविधा प्रदान की।
जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग उस वस्तु को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, दूसरों द्वारा अनधिकृत उपयोग को रोकता है और उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करता है।

मंत्रालय ने कहा कि यह निर्यात वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि उत्पादों की क्षमता को दर्शाता है। मंत्रालय ने कहा कि अंजीर के जूस की यात्रा ग्रेटर नोएडा, नई दिल्ली से शुरू हुई। यहां पर आयोजित एसआईएएल 2023 के दौरान एपीडा मंडप में इसका प्रदर्शन किया गया था। पुरंदर हाइलैंड्स फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा इस अंजीर के जूस को बनाया गया है। जूस ने इस दौरान काफी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पुरस्कार भी जीता, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी क्षमता की चर्चा हुई।
सरकार ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल भारतीय कृषि उत्पादों की क्षमता को प्रदर्शित करती है, बल्कि कृषि निर्यात के मूल्य को बढ़ाने में अनुसंधान और विकास के महत्व को भी रेखांकित करती है।मंत्रालय ने कहा, “यह उपलब्धि भारतीय कृषि उत्पादों की क्षमता और टिकाऊ कृषि प्रथाओं और निर्यात को बढ़ावा देने में एफपीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है।
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