डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और सशक्त बनाने हेतु प्रधानमंत्री को सुझाव पत्र

Suggestion letter to the Prime Minister for further strengthening the digital payment system

हलधर किसान नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और ऑनलाइन लेनदेन को और अधिक पारदर्शी व व्यापारी-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं।

पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे डिजिटल इंडिया अभियान की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। गांव से लेकर शहर तक व्यापारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का उपयोग कर रहे हैं, जो भारत के डिजिटल परिवर्तन की सफलता का स्पष्ट संकेत है।

हालांकि, उन्होंने इस व्यवस्था को और मजबूत एवं भरोसेमंद बनाने के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं।

सबसे पहला मुद्दा उन्होंने डिजिटल लेनदेन में पारदर्शिता का उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में IMPS, UPI और विभिन्न मोबाइल ऐप्स जैसे PhonePe के माध्यम से भुगतान प्राप्त होने पर कई बार भुगतान करने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से प्राप्त नहीं होती। इससे व्यापारियों को लेनदेन की पहचान करने में कठिनाई होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भुगतान प्राप्तकर्ता को भेजने वाले का पूरा नाम, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। इससे धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी और डिजिटल भुगतान प्रणाली में विश्वास और मजबूत होगा।

दूसरे महत्वपूर्ण सुझाव में उन्होंने बैंकों के कार्य दिवसों को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा कि जब देश तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, तब बैंकिंग सेवाओं का निरंतर उपलब्ध रहना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में अवकाश के कारण कई बार बैंकिंग कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने रोटेशन पद्धति लागू करने का सुझाव दिया, जिसके तहत बैंक वर्ष के 365 दिन कार्य कर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था से न केवल बैंकिंग सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध होंगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, नकदी पर निर्भरता में कमी आएगी और डिजिटल लेनदेन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

तीसरे सुझाव के रूप में उन्होंने वित्तीय वर्ष के अंत यानी मार्च माह में विशेष व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि मार्च क्लोजिंग के दौरान व्यापारियों पर काम का अत्यधिक दबाव रहता है और कई महत्वपूर्ण ट्रांजेक्शन लंबित रह जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने 29, 30 और 31 मार्च को बैंकों का पूर्ण रूप से संचालन अनिवार्य करने का सुझाव दिया है, ताकि सभी लंबित कार्य समय पर पूरे हो सकें।

मनमोहन कलंत्री ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इन सुधारों से व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिजिटल भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता को और बेहतर किया जाता है, तो इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को काफी लाभ होगा। साथ ही, डिजिटल इंडिया अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, ये सुझाव न केवल व्यापारियों की समस्याओं को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं, बल्कि देश को एक सशक्त डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में भी सहायक होंगे।

Krashi aadan vikreta sangh indore 01 4

ऑल इंडिया एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन कलंत्री जी द्वारा व्यापारी हित और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को दिए गए सुझावों की सराहना की गई है।

कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल (मध्य प्रदेश) के अध्यक्ष श्री मान सिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया है कि यदि इन सुझावों को लागू किया जाता है, तो इससे न केवल व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष में 365 दिन होते हैं, लेकिन बैंकों की अधिक छुट्टियों के कारण व्यापारियों को लेन-देन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में बैंकिंग कार्य दिवस बढ़ाने जैसे सुझाव व्यापार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।

यह भी पढेंः- गरीब की उन्नति और गांव की प्रगति का नया मॉडल: ‘लखपति दीदी’ से बदल रही ग्रामीण तस्वीर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *