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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उर्वरक टैगिंग व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग उठाई

National Vice President met the Chief Minister of Bihar and raised the demand to stop the fertilizer tagging system

किसानों और कृषि आदान व्यापारियों के हित में स्थायी समाधान की मांग, मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन

हलधर किसान भोपाल/पटना। कृषि आदान व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय ऑल इंडिया एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन (AIDA) ने एक बार फिर किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनमोहन सरावगी ने 24 मई को बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उर्वरक कंपनियों द्वारा लागू की जा रही टैगिंग व्यवस्था के खिलाफ मांगपत्र सौंपा।

मांगपत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि उर्वरक कंपनियों की टैगिंग प्रणाली के कारण किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। साथ ही कृषि आदान व्यापारियों को भी अनावश्यक आर्थिक और व्यावसायिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इसे किसानों और व्यापारियों दोनों के हितों के विपरीत बताते हुए इस व्यवस्था पर रोक लगाने तथा स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनमोहन सरावगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्तमान में कई उर्वरक कंपनियां आवश्यक उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य खरीद को जोड़ रही हैं, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसका असर अंततः किसानों पर पड़ता है क्योंकि बढ़ी हुई लागत का भार खेती पर पड़ने लगता है। ऐसे में कृषि उत्पादन की लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि देशभर में कृषि आदान व्यापारियों के बीच इस विषय को लेकर व्यापक असंतोष है और बिहार सहित कई राज्यों में इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। संगठन का मानना है कि यदि इस व्यवस्था पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो कृषि क्षेत्र पर इसका नकारात्मक प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय पर उचित निर्णय लेने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कृषि आदान व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए कहा कि किसानों और व्यापारियों के हित सर्वोपरि हैं तथा इस संबंध में प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा।

इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनमोहन सरावगी ने कृषि आदान व्यापार में आने वाली अन्य चुनौतियों से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को नीतिगत और व्यावहारिक स्तर पर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिनके समाधान के लिए सरकार और संबंधित विभागों के साथ समन्वय आवश्यक है।

AIDA के पदाधिकारियों ने इस पहल को किसानों और व्यापारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। संगठन से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों ने श्री मनमोहन सरावगी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

कृषि आदान विक्रेता संघ मध्य प्रदेश, भोपाल के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मान सिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे तथा प्रदेश सदस्यता अभियान प्रभारी श्री विनोद जैन ने कहा कि कृषि आदान व्यापारियों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मुद्दे पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय लिए जाने से किसानों और व्यापारियों दोनों को राहत मिलेगी।

पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन लगातार किसानों और कृषि आदान व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है। विभिन्न राज्यों में उर्वरक टैगिंग जैसी समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है और संबंधित सरकारों के समक्ष समाधान की मांग रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए ऐसी नीतियां आवश्यक हैं जो किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करें और व्यापार व्यवस्था को पारदर्शी बनाएं। यदि उर्वरक वितरण प्रणाली में सुधार होता है तो इसका लाभ सीधे किसानों की उत्पादन लागत पर पड़ेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि कृषि आदान व्यापार से जुड़े मुद्दे केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा प्रभाव किसानों की आय और कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में सरकार, संगठन और संबंधित पक्षों के बीच संवाद के माध्यम से समाधान तलाशना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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