‘खेत बचाओ अभियान’ को देंगे नई गति
हलधर किसान देहरादून। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 26 जून को उत्तराखंड के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान उनका पूरा कार्यक्रम खेती, किसान और गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित रहेगा। वे किसानों के बीच पहुंचकर खेतों का निरीक्षण करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और राज्य सरकार के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
केंद्रीय मंत्री का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें किसानों के साथ सीधा संवाद, फसल की स्थिति का आकलन और केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच कृषि विकास की योजनाओं के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास है कि सरकार किसानों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझकर उनके समाधान की दिशा में कार्य कर रही है।
अपने उत्तराखंड प्रवास की शुरुआत केंद्रीय मंत्री गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से करेंगे। यहां वे विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों के सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान, आधुनिक खेती, नई तकनीकों और कृषि शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका पर भी चर्चा होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों के अनुभवों से खेती को अधिक वैज्ञानिक और आधुनिक बनाने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री रुद्रपुर में आयोजित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत किसानों के बीच पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम में वे खेतों का भ्रमण करेंगे, विभिन्न फसलों की स्थिति का जायजा लेंगे तथा किसानों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगे। खेतों में जाकर किसानों से बातचीत करना इस अभियान की प्रमुख विशेषता रहेगी, जिससे खेती से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान कृषि उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और किसानों की आय में वृद्धि जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
दौरे का एक महत्वपूर्ण चरण पंतनगर में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ होने वाली उच्चस्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में राज्य में कृषि क्षेत्र के विकास, किसान कल्याण योजनाओं की प्रगति, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से विचार किया जाएगा। साथ ही यह भी समीक्षा होगी कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक किस स्तर तक पहुंच रहा है तथा जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आगे की रणनीति क्या हो।
बैठक में ग्रामीण सड़क, सिंचाई, कृषि अवसंरचना, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, ग्रामीण रोजगार तथा कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने जैसे विषय भी प्रमुखता से उठ सकते हैं। इससे राज्य के कृषि एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय मंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए नीति निर्माण को और अधिक प्रभावी बनाना है। खेतों में जाकर किसानों से सीधा संवाद करने से सरकार को जमीनी स्तर की चुनौतियों की बेहतर जानकारी मिलती है, जिससे योजनाओं को अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में कृषि की अपनी अलग चुनौतियां हैं। छोटे जोत वाले किसान, सीमित सिंचाई संसाधन, मौसम की अनिश्चितता और बाजार तक पहुंच जैसी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक माना जाता है। ऐसे में यह दौरा कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
यह भी पढेंः- उज्जैन में कृषि आदान व्यापारियों का महाकुंभ: ऑनलाइन अवैध कारोबार पर सख्त चेतावनी
