भारतीय किसान संघ टोंक तहसील की मासिक बैठक सम्पन्न, संगठन विस्तार और जैविक खेती पर हुआ मंथन

Monthly meeting of the Bharatiya Kisan Sangh Tonk Tehsil concludes

हलधर किसान टोंक। भारतीय किसान संघ तहसील टोंक की मासिक बैठक बुधवार को देवत माता परिसर, छान में आयोजित की गई। बैठक में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, किसानों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने, महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन देने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का आयोजन जिला मंत्री श्री विनय सिंह ताखर के मुख्य आतिथ्य तथा तहसील अध्यक्ष श्री मूल सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं जिला मंत्री श्री विनय सिंह ताखर ने भारतीय किसान संघ की संगठनात्मक यात्रा और किसान हित में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ 4 मार्च 1979 को स्थापना के बाद से लगातार किसानों के हितों के लिए संघर्ष करता आ रहा है। राजस्थान सहित देशभर में संगठन किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ के साथ करीब 44 लाख सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं। ग्राम इकाई से लेकर ग्राम पंचायत, तहसील, जिला और राष्ट्रीय स्तर तक संगठन की मजबूत संरचना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को केवल व्यक्तिगत स्तर पर उठाने के बजाय सामूहिक शक्ति के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना है।

श्री ताखर ने कहा कि भारतीय किसान संघ का मूल उद्देश्य कृषि को लाभकारी बनाना है। इसके साथ ही किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक एवं उपयोगी ज्ञान पहुंचाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किसानों को संगठित करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने किसानों से संगठन के साथ जुड़कर अपनी समस्याओं को साझा करने और सामूहिक रूप से उनके समाधान के लिए आगे आने का आह्वान किया।

गांव-गांव तक मजबूत होगा संगठन

बैठक में टोंक जिले में संगठन के विस्तार को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। जिला मंत्री ने बताया कि ग्राम इकाइयों और ग्राम पंचायत इकाइयों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक पंचायत में पंचायत प्रभारी एवं संयोजक नियुक्त किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से संगठन की गतिविधियों को गांव स्तर तक पहुंचाने और किसानों से सीधे संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसान संगठन की ताकत तभी बढ़ेगी, जब प्रत्येक गांव में किसान अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर जागरूक होंगे। पंचायत स्तर पर संगठन के विस्तार से किसानों की स्थानीय समस्याओं को चिन्हित कर उन्हें उचित मंच तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

बैठक में महिला किसानों की संगठन में भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। श्री ताखर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेती-किसानी से जुड़े अनेक कार्यों में महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए किसान संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर आगामी 30 सितंबर को देश की राजधानी दिल्ली में विशाल महिला किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने टोंक जिले की प्रत्येक तहसील से अधिक से अधिक महिला किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

गौ-आधारित और जैविक खेती अपनाने का संदेश

बैठक के दौरान उप तहसील अध्यक्ष बरवास श्री कान शंकर जाट ने किसानों को गौ-आधारित एवं जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खेती में प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग किसानों की लागत कम करने और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मिट्टी की सेहत, कृषि लागत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खेती में टिकाऊ पद्धतियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

बैठक में तहसील मंत्री श्री कन्हैयालाल गुर्जर, व्यसन प्रमुख श्री भंवरलाल जाट, श्री सीताराम अमीरपुर खेड़ा, छान ग्राम इकाई प्रमुख श्री रतीराम माली, श्री भंवरलाल, श्री रामदेव खाहल्या, श्री रंगलाल छान, श्री सुरेंद्र स्वामी बिबोलाव, श्री गोपाल, श्री लक्ष्मण सैनी अरनिया सहित अनेक कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में तहसील अध्यक्ष श्री मूल सिंह सोलंकी ने सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं किसानों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद भगवान बलराम के जयकारों के साथ ध्वज उतारकर बैठक का समापन किया गया।

भारतीय किसान संघ की इस मासिक बैठक से स्पष्ट है कि टोंक जिले में संगठन गांव और पंचायत स्तर पर अपनी गतिविधियों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसान हित, संगठन विस्तार, महिला किसानों की भागीदारी तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती जैसे विषयों को प्राथमिकता देकर संगठन ने आगामी समय के लिए अपनी दिशा भी स्पष्ट की है।

यह भी पढेंः- खंडवा के बाद हरदा में भी बिना फॉर्म-ओ के बीएएसएफ के माइक्रोन्यूट्रिएंट की बिक्री पर कार्रवाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *