5 साल बाद दोबारा शुरू हुई कृषि विपणन पुरस्कार योजना, 6,804 कूपनों में से 21 किसानों का हुआ चयन
खरगोन। किसानों को अपनी कृषि उपज मंडी में बेचने के लिए प्रोत्साहित करने और बेहतर विपणन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित कृषि विपणन पुरस्कार योजना के तहत शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कृषि उपज मंडी खरगोन में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। करीब पांच साल के अंतराल के बाद योजना के दोबारा शुरू होने से मंडी परिसर में किसानों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह में निकाले गए बंपर ड्रॉ में ग्राम नागझिरी के किसान पुरुषोत्तम सोलंकी की किस्मत चमकी और उन्हें 35 एचपी का ट्रैक्टर पुरस्कार में मिला।
योजना के तहत वर्ष 2020-21 से वर्तमान समय तक जारी किए गए कुल 6,804 कूपनों को ड्रॉ में शामिल किया गया था। इनमें से कुल 21 भाग्यशाली किसानों का चयन किया गया। बंपर पुरस्कार के रूप में एक किसान को 35 एचपी का ट्रैक्टर दिया गया, जबकि अन्य 20 किसानों को विभिन्न श्रेणियों में कुल 2 लाख 8 हजार रुपए की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
तपेले में एकत्र किए कूपन, किसानों के हाथों से हुआ चयन
पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में पारदर्शिता और किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी कूपनों को एक बड़े तपेले में एकत्र किया गया। इसके बाद उपस्थित किसानों और अन्य लोगों के हाथों से कूपन निकलवाए गए। इसी प्रक्रिया के दौरान बंपर पुरस्कार के लिए कूपन नंबर 11329 का चयन हुआ।
खास बात यह रही कि यह भाग्यशाली कूपन पहाड़सिंगपुरा की महज तीन वर्षीय नन्हीं बच्ची गौरी डंडीर ने निकाला। कूपन नंबर की घोषणा के बाद जब विजेता के रूप में ग्राम नागझिरी निवासी पुरुषोत्तम सोलंकी का नाम सामने आया तो मंडी परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्य अतिथि विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने बंपर ड्रॉ के विजेता के नाम की घोषणा की।

कोरोना काल के बाद फिर शुरू हुई योजना
कृषि विपणन पुरस्कार योजना करीब पांच साल से बंद थी। कोरोना काल के दौरान योजना का संचालन बंद होने के बाद अब इसे दोबारा शुरू किया गया है। लंबे अंतराल के बाद योजना के पुनः शुरू होने से किसानों में काफी उत्साह नजर आया। मंडी प्रशासन की इस पहल को किसानों को मंडी में अपनी उपज लाने और व्यवस्थित कृषि विपणन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों से अपील की गई कि वे अपनी कृषि उपज को अधिक से अधिक कृषि उपज मंडी में ही बेचें, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं और मंडी से जुड़े लाभों का फायदा मिल सके।
चार श्रेणियों में किसानों को मिले नकद पुरस्कार
बंपर ड्रॉ के अलावा चयनित 20 किसानों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ पुरस्कार श्रेणी में नकद राशि प्रदान की गई। पुरस्कार राशि क्रमशः 21 हजार, 15 हजार, 11 हजार और 5 हजार रुपए रखी गई थी। इस तरह किसानों को उनकी श्रेणी के अनुसार नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पुरस्कार प्राप्त करने वाले किसानों में खुशी का माहौल रहा। किसानों ने मंडी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाओं से किसानों को अपनी उपज मंडी में लाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही किसानों और मंडी व्यवस्था के बीच जुड़ाव भी मजबूत होता है।
किसानों को योजनाओं की दी जानकारी
समारोह के दौरान मंडी सचिव श्रीमती शर्मिला निनामा ने अपने उद्बोधन में किसानों को कृषि विपणन पुरस्कार योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना और हम्माल-तुलावटी सहायता योजना की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और मंडी में उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने किसानों को कृषि उपज के विपणन से संबंधित व्यवस्थाओं और किसानों के हित में संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंडी प्रशासन की ओर से किसानों को भरोसा दिलाया गया कि कृषि उपज के विक्रय के दौरान किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बड़ी संख्या में व्यापारी और किसान रहे मौजूद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में किसान, मंडी व्यापारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सदाशिव पाटीदार, समाजसेवी संतोष पाटीदार, भाजपा मंडल अध्यक्ष भूपेन्द्र पाटीदार, मंडी व्यापारी मन्नालाल जायसवाल और राकेश जैन सहित बड़ी संख्या में मंडी व्यापारी एवं किसान बंधु मौजूद रहे।
समारोह में किसानों और मंडी से जुड़े लोगों ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को उत्साह के साथ मनाया। पांच वर्ष बाद शुरू हुई योजना के पहले ही आयोजन में 6,804 कूपनों में से 21 किसानों का चयन और नागझिरी के किसान को बंपर पुरस्कार के रूप में ट्रैक्टर मिलना पूरे कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
हलधर किसान के लिए संदेश: कृषि विपणन पुरस्कार जैसी योजनाएं किसानों को अपनी उपज मंडी में लाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें मंडी व्यवस्था से मिलने वाले विभिन्न लाभों से जोड़ने का काम करती हैं। नागझिरी के किसान पुरुषोत्तम सोलंकी को मिला 35 एचपी का ट्रैक्टर इस योजना के प्रति किसानों के बढ़ते उत्साह का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
यह भी पढेंः- भारतीय किसान संघ टोंक तहसील की मासिक बैठक सम्पन्न, संगठन विस्तार और जैविक खेती पर हुआ मंथन
