खेती,किसानी, कृषि, खाद्य, पर्यावरण से जुड़ी ताजा खबरों के साथ आपको रखे अपडेट सबसे तेज डिजिटल प्लेटफार्म हलधर किसान ,समाचार पत्र और किसान प्लस टीवी से जुड़ने के लिये करे सम्पर्क
हलधर किसान। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पलवल में प्रदूषण विभाग में तैनात अतिरिक्त पर्यावरण अभियंता व एक ईंट भट्ठा प्रधान को साढे पांच लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी एक ईंट भट्टा मालिक को भारी जुर्माने से बचाने की ऐवज में रकम की मांग कर रहा था। भट्ठों का प्रधान इसमें अधिकारी की मदद कर रहा था। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पलवल निवासी शिवसिंह ने एसीबी को दी शिकायत में बताया उसके ईंट बनाने के भट्ठे हैं। प्रदूषण विभाग में तैनात अतिरिक्त पर्यावरण अभियंता रणदीप संधू उसपर भट्ठे पर मिट्टी के कारण प्रदूषण फैलाने का मामला बनाकर भारी जुर्माना लगाने की बात कह रहा था। इस बारे में उसने भट्ठा प्रधान योगेश से बात की तो योगेश ने बताया जुर्माना से बचने के लिए साढे पांच लाख रुपये रिश्वत देनी होगी।

एसीबी इंस्पेक्टर श्योरण लाल की अगुआई में टीम का गठन किया गया। पलवल के जिला रोजगार अधिकारी डॉक्टर शक्ति प्रशाद को ड्यूटी मेजिस्ट्रेट बनाया गया। भट्ठा प्रधान योगेश ने पाउडर लगे रिश्वत के पैसे ले लिए और रणदीप संधू को देने चला गया। टीम ने दोनो को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एसीबी के मुताबिक सिंधु द्वारा शिकायतकर्ता के ईंट भट्ठे पर भारी जुर्माना लगाने का डर दिखाकर उससे निजी व्यक्ति योगेश के माध्यम से 5.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिसे लेते हुए योगेश रंगे हाथों पकड़ा गया।इस मामले में तथ्यों की जांच पड़ताल करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई और योगेश को साढ़ें रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ये भी पढ़ें-
- लखनऊ कृषि सम्मेलन: क्षेत्रीय रणनीति से बदलेगी खेती की तस्वीर, दलहन-तिलहन व किसान आय पर बड़ा फोकस
- पुष्कल एग्रोटेक लिमिटेड के नए स्टोर की सौगात, 100 से अधिक किसानों ने की सहभागिता
- लखनऊ में जुटेगा उत्तर भारत का कृषि मंथन, 24 अप्रैल को बनेगा खेती का नया रोडमैप
- 27 अप्रैल को देशभर में खाद-बीज व्यापारियों की सांकेतिक हड़ताल, महाराष्ट्र के समर्थन में एकजुट हुआ संगठन
- भीमावरम एक्वाकल्चर क्लस्टर की समीक्षा: तकनीक, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
