हलधर किसान दिल्ली। देशभर में प्रस्तावित नए बीज एवं कीटनाशक अधिनियम को लेकर कृषि आदान विक्रेताओं की चिंताओं के बीच अब सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। सांसदों को ज्ञापन देने के अभियान का असर सामने आया है और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि नए अधिनियम में डीलरों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

ऑल इंडिया संगठन द्वारा सभी राज्यों के कृषि आदान विक्रेता संगठनों से आग्रह किया गया था कि प्रस्तावित बीज एवं कीटनाशक अधिनियम में संशोधन के लिए अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को ज्ञापन देकर विक्रेताओं की समस्याएं और सुझाव केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाए जाएं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के वर्धा से सांसद अमर शरद राव काले को भी ज्ञापन सौंपा गया था।
बताया जा रहा है कि सांसद द्वारा इस विषय को केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष रखने के बाद मंत्री कार्यालय से लिखित उत्तर प्राप्त हुआ है। इस उत्तर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि सरकार नया अधिनियम बनाते समय सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैध रूप से व्यापार करने वाले कृषि आदान विक्रेताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जो डीलर कंपनियों द्वारा अधिकृत हैं और कंपनी द्वारा पैक एवं सील बंद कृषि आदान—जैसे बीज, कीटनाशक एवं अन्य उत्पाद—का नियमानुसार विक्रय करते हैं, उनके खिलाफ किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, न कि ईमानदारी से व्यापार करने वाले विक्रेताओं को परेशान करना।
इस आश्वासन के बाद कृषि आदान विक्रेता संगठनों में उम्मीद जगी है कि प्रस्तावित नए कानून में व्यापारियों के हितों की अनदेखी नहीं होगी। संगठन का मानना है कि यदि समय रहते सांसदों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाए तो अधिनियम में आवश्यक संशोधन संभव है और इससे हजारों डीलरों को राहत मिल सकती है।
ऑल इंडिया संगठन ने एक बार फिर सभी राज्यों और जिलों के पदाधिकारियों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को ज्ञापन देकर इस विषय को गंभीरता से उठाएं। संगठन का कहना है कि यह सामूहिक प्रयास ही नए अधिनियम में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

इस विषय पर मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल के अध्यक्ष मानसिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी तथा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा दुबे ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलंत्री द्वारा इस मुद्दे पर किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा सांसद को दिए गए जवाब से यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सरकार कृषि आदान विक्रेताओं की समस्याओं को समझ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए बीज विधेयक और कीटनाशक अधिनियम में ऐसी व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे बीज विक्रेताओं, कंपनियों और किसानों—तीनों के हित सुरक्षित रह सकें।
संगठन ने कहा कि यदि कानून बनाते समय व्यापारियों और कंपनियों के सुझावों को शामिल किया जाता है तो इससे कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को भी बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
कृषि आदान विक्रेताओं का मानना है कि सरकार और संगठनों के बीच संवाद से ही संतुलित और व्यवहारिक कानून बन सकता है। इसी उम्मीद के साथ संगठन देशभर के डीलरों और पदाधिकारियों से अपील कर रहा है कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी बात जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाएं।
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