पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास को मिली बड़ी सौगात, केंद्र ने मंजूर कीं 1700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं

West Bengals rural development gets a major boost

शिवराज सिंह चौहान से नई दिल्ली में मिले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए बनी व्यापक कार्ययोजना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने मुलाकात की। बैठक में राज्य के कृषि, ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना और किसानों के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल के लिए 1700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं को स्वीकृति देने की जानकारी दी। इन परियोजनाओं में ग्रामीण रोजगार, सड़क संपर्क, पुल निर्माण, कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जून 2026 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पश्चिम बंगाल को 153 लाख मानव-दिवस का श्रम बजट स्वीकृत किया गया है। इससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा जरूरतमंद परिवारों को समय पर काम उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस निर्णय से लाखों ग्रामीण श्रमिकों को मजदूरी आधारित रोजगार का लाभ मिलेगा और गांवों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आगामी 1 जुलाई 2026 से “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” अधिनियम लागू किया जाएगा। यह नई व्यवस्था ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। मंत्रालय ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा की गई तैयारियों की सराहना भी की।

ग्रामीण संपर्क को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पश्चिम बंगाल में अब तक 7,769 सड़कें और 61 पुल स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं। राज्य के दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 में पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम चरण के अंतर्गत 432 नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। लगभग 760 किलोमीटर लंबाई वाली इन परियोजनाओं पर 663 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।

इन नई सड़कों के निर्माण से पहली बार 535 ग्रामीण बस्तियों को सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इसके अतिरिक्त पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे चरण में 6 पुलों के निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे 14 अन्य बस्तियों को भी संपर्क सुविधा प्राप्त होगी।

वहीं पीएमजीएसवाई-3 के तहत 39 पुलों के निर्माण के लिए लगभग 301 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इस प्रकार सड़क और पुल परियोजनाओं पर कुल 1,013 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे पश्चिम बंगाल की ग्रामीण आधारभूत संरचना को अभूतपूर्व मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पश्चिम बंगाल में पुनः लागू करने, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फार्मर आईडी कार्यक्रम शुरू करने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर सहमति बनी।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कृषि एवं ग्रामीण विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर कृषि विकास का रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बागवानी को प्रोत्साहन देने तथा जूट, आलू सहित अन्य प्रमुख फसलों के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पश्चिम बंगाल का दौरा करने और किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का आमंत्रण भी दिया।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जलागम विकास कार्यक्रम, भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण, ‘लखपति दीदी’ अभियान तथा ग्रामीण गरीबी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।

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