Headlines

अब तरबूज से भी बनेगा गुड़, बिहार के विज्ञानियों के किया अनुसंधान, किसानों को भी देंगे प्रशिक्षण

हलधर किसान। गन्ना और खजूर के बाद अब तरबूज से बना गुड़ खाने तरीका भी खोज लिया गया है। बिहार के समस्तीपुर के पूसा स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के ईख अनुसंधान संस्थान के विज्ञानियों यह नवाचार किया है। उन्होंने तरबूज से तरल गुड़ बनाया है। अब इस पर आगे कार्य चल रहा है। यह अगले वर्ष बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध होगा। विज्ञानियों का कहना है कि गुड़ मधुमेह रोगियों के लिए भी उपयुक्त हो सकता है। यह किसानों की आर्थिकी भी बेहतर करेगा।तरबूज से गुड़ बनाने पर शोध की शुरुआत पिछले वर्ष जून में हुई थी। विभिन्न स्तरों पर जांच और शोध के बाद तरल गुड़ बनाने में सफलता मिली। अब इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की जांच की जा रही है। इससे पता चल सकेगा कि इसके सेवन के बाद रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कितने समय में बढ़ेगी। आमतौर पर तरबूज में ग्लाइसेमिक इंडेक्स 72 होता है, जबकि ईख के गुड़ में 84.4 होता है। अंतिम परिणाम के बाद ही पता चल सकेगा कि तरबूज के गुड़ में ग्लाइसेमिक इंडेक्स और पोषक तत्व कितने हैं।शोध से जुड़े विज्ञानी डा. अनुपम अमिताभ ने बताया कि तरबूज से बीज अलग कर पल्प की पेराई के लिए पल्पर नामक मशीन की जरूरत पड़ती है। इसके बाद जूस को बायलर टैंक में भेजा जाता है। वहां 100 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करने पर यह गाढ़ा तरल (अर्ध ठोस) अवस्था में तब्दील हो जाता है। सामान्य तापमान होने के बाद बोतल में भरा जाता है। एक हजार किलो तरबूज में करीब 80 से 90 किलोग्राम तरल गुड़ तैयार हो रहा है। इसमें कोई और तत्व नहीं मिलाया जाता है। सामान्य तापमान पर यह एक साल तक खराब नहींं होगा। विश्वविद्यालय ने अभी इसका भाव तय नहीं किया है।

बनाया जा रहा मुरब्बा: ईख अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय में तरबूज के छिलके और पल्प के बीच मौजूद सफेद हिस्से से मुरब्बा भी तैयार किया जा रहा है। इसे सामान्य तरीके से ही बनाया जा रहा है। अगर तरबूज के विभिन्न हिस्सों का प्रयोग किया जाए तो किसानों व इससे संबंद्ध उद्योमियों को अच्छी कमाई हो सकती है। उनका कहना है कि गन्ने से गुड़ बनाने का काम अप्रैल तक पूरा हो जाता है। इसके बाद इससे जुड़े सामान की उपयोगिता खत्म हो जाती है। इन सामान का प्रयोग तरबूज से गुड़ बनाने में किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *