हलधर किसान | जुलाई में कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति दर में कमी आई है और यह क्रमश: 6.17 प्रतिशत और 6.20 प्रतिशत हो गई है। इस साल जून में कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति दर क्रमश: 7.02 प्रतिशत और 7.04 प्रतिशत थी।
श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि कृषि श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-एएल) और ग्रामीण श्रमिकों के लिए (सीपीआई-आरएल) में जुलाई में 10-10 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो क्रमश: 1,290 और 1,302 पर पहुंच गई। एक साल पहले सीपीआई-एएल और सीपीआई-आरएल क्रमश: 1,280 अंक और 1,292 अंक थे।

बयान के अनुसार, जुलाई के लिए सीपीआई-एएल और कृषि श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित साल-दर-साल मुद्रास्फीति दर 6.17 प्रतिशत और 6.20 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि जुलाई, 2023 में यह 7.43 प्रतिशत और 7.26 प्रतिशत थी। जून, 2024 के दौरान सीपीआई-एएल के लिए यही आंकड़े 7.02 फीसदी और सीपीआई-आरएल के लिए 7.04 प्रतिशत रहे थे।
अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सामान्य एवं समूहवार):

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