हलधर किसान ईटानगर/गुवाहाटी | पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न गंभीर हालात के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर पहुंचे। हालांकि खराब मौसम के कारण उनका प्रस्तावित हवाई सर्वे स्थगित करना पड़ा, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास के प्रयासों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौसम ने हेलीकॉप्टर को भले ही रोक दिया हो, लेकिन किसानों और बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचने का उनका संकल्प नहीं रुकेगा।

ईटानगर पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री ने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आए किसानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने अपने खेतों में जलभराव, फसलों के नुकसान, मकानों के क्षतिग्रस्त होने और आजीविका पर पड़े संकट की जानकारी दी। श्री चौहान ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वे स्वयं स्थिति का आकलन करने के लिए पूर्वोत्तर पहुंचे हैं ताकि प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को समझकर आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना था कि किसी भी पीड़ित परिवार को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और नुकसान का पूरा आकलन कर केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
ईटानगर सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ की वर्तमान स्थिति, राहत कार्यों, पुनर्वास योजनाओं तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में राहत सामग्री की उपलब्धता, प्रभावित गांवों तक पहुंच, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत तथा किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्वोत्तर के किसानों और ग्रामीणों की चिंता सीधे दिल्ली तक पहुंच चुकी है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज वे अरुणाचल प्रदेश और असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का व्यापक दौरा करेंगे। यदि मौसम अनुकूल रहा तो हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वे कर नदियों, तटबंधों, खेतों, सड़कों और बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लेंगे। साथ ही वे राहत शिविरों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करेंगे और किसानों के खेतों में हुए नुकसान, पशुधन की स्थिति तथा ग्रामीण जीवन पर पड़े प्रभाव का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे।
इस दौरे में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उनके साथ रहेंगे। इसके बाद शाम को असम की राजधानी गुवाहाटी में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित होगी, जिसमें बाढ़ प्रबंधन, राहत वितरण, तटबंधों की मरम्मत, कृषि क्षति और किसानों को आर्थिक सहायता देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत पहुंचाना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं भी तैयार की जाएंगी। उन्होंने बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, मजबूत तटबंधों का निर्माण, सुरक्षित राहत शिविर, प्रभावी आपदा प्रबंधन और फसल बीमा योजनाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें, पुल और मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि किसानों की संतरा, केला और धान जैसी प्रमुख फसलें व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री के निर्देश पर स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें पूरी संवेदनशीलता के साथ इस संकट का सामना कर रही हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और प्रभावित किसानों तथा ग्रामीण परिवारों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
