दिल्ली की हवा हुई साफ, CAQM ने NCR में GRAP का पहला चरण तत्काल प्रभाव से हटाया

Delhis air becomes cleaner

हलधर किसान नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को वायु प्रदूषण से बड़ी राहत मिली है। वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) संबंधी उप-समिति ने पूरे एनसीआर में लागू ग्रैप (GRAP) के पहले चरण को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है। आयोग का यह फैसला दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में आए तेज सुधार और आने वाले दिनों के अनुकूल मौसम पूर्वानुमान के आधार पर लिया गया है।

CAQM द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, दिल्ली का दैनिक औसत AQI 28 मई 2026 को 207 दर्ज किया गया था, जो 29 मई 2026 को घटकर 123 पर पहुंच गया। इस प्रकार केवल एक दिन के भीतर वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। AQI के 123 स्तर पर पहुंचने के साथ दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गई है, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति मानी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए CAQM की उप-समिति ने 19 मई 2026 को GRAP के प्रथम चरण को लागू करने का आदेश जारी किया था। उस समय दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के संकेत मिल रहे थे, जिसके कारण धूल नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों की निगरानी और प्रदूषण फैलाने वाले अन्य स्रोतों पर नियंत्रण के लिए कई एहतियाती उपाय लागू किए गए थे।

हालांकि पिछले कुछ दिनों के दौरान मौसम में आए बदलाव ने वायु गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयोग के अनुसार, तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों का स्तर कम हुआ है। इसी वजह से AQI में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई।

GRAP उप-समिति ने अपनी समीक्षा बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा उपलब्ध कराए गए मौसम और वायु गुणवत्ता संबंधी पूर्वानुमानों का भी विस्तृत अध्ययन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी मौसम की परिस्थितियां अपेक्षाकृत अनुकूल बनी रहने की संभावना है, जिसके चलते AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में ही रहने का अनुमान है।

इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उप-समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मौजूदा परिस्थितियों में GRAP के चरण-1 के तहत लागू प्रतिबंधों और विशेष उपायों को जारी रखने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए पूरे एनसीआर में प्रथम चरण की सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि GRAP का पहला चरण हटाने का अर्थ यह नहीं है कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में ढील दी जाएगी। CAQM ने दिल्ली सरकार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित एनसीआर के सभी संबंधित राज्यों की एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी वैधानिक नियमों और दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

आयोग ने विशेष रूप से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) तथा विभिन्न राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी तथा स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय नियमित रूप से जारी रखने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियों के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण उपायों का प्रभाव भी वायु गुणवत्ता में सुधार के पीछे महत्वपूर्ण कारण रहा है। हालांकि गर्मी के मौसम में मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों को लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है।

CAQM की उप-समिति ने कहा है कि वह दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए रखेगी। यदि भविष्य में AQI स्तर में दोबारा वृद्धि होती है या मौसम की परिस्थितियां प्रतिकूल बनती हैं, तो आवश्यकता के अनुसार GRAP के विभिन्न चरणों को पुनः लागू करने पर विचार किया जाएगा।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए यह राहत की खबर है कि क्षेत्र की हवा पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी एजेंसियां निर्धारित पर्यावरणीय नियमों का पालन करती रहें और नागरिक भी प्रदूषण कम करने में सहयोग दें, तो वायु गुणवत्ता में यह सुधार लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।

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