हरियाली अमावस्या पर देशव्यापी वृक्षारोपण का आह्वान, शिवराज सिंह चौहान बोले- पर्यावरण संरक्षण बने जनआंदोलन

Call for nationwide tree plantation on Hariyali Amavasya Shivraj Singh Chouhan

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए हरियाली अमावस्या पर देशव्यापी वृक्षारोपण अभियान चलाने की घोषणा की है। नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित “पर्यावरण संरक्षण संकल्प कार्यक्रम एवं वृक्ष मित्र संवाद” में देशभर से जुड़े लगभग 17 हजार वृक्ष मित्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

श्री चौहान ने कहा कि बढ़ता तापमान, जल संकट, प्रदूषण और घटती जैव विविधता मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित होकर पेड़ लगाए और उनकी देखभाल करे, तो हरित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

उन्होंने घोषणा की कि 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के अवसर पर पूरे देश में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस दिन प्रत्येक वृक्ष मित्र अपने क्षेत्र में कम से कम एक पौधा लगाएगा और इसे “पेड़ पर्व” के रूप में मनाया जाएगा। उनका कहना था कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और वृक्षों का विशेष महत्व रहा है, इसलिए इस परंपरा को जनभागीदारी से और मजबूत बनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने प्रत्येक नागरिक से अपील की कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्म, माता-पिता की पुण्य स्मृति तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की परंपरा विकसित करें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाए और पांच नए लोगों को भी इस अभियान से जोड़ने का संकल्प ले। इससे देशभर में लाखों नए वृक्ष मित्र तैयार होंगे और पर्यावरण संरक्षण एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेगा।

श्री चौहान ने बताया कि अभियान को संगठित स्वरूप देने के लिए “वृक्ष मित्र परिवार” का राष्ट्रीय नेटवर्क बनाया जाएगा। इसकी इकाइयाँ राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक गठित की जाएंगी। इन समितियों का उद्देश्य वृक्षारोपण, पौधों की सुरक्षा और जनभागीदारी सुनिश्चित करना होगा।

उन्होंने पंचायतों और शहरी निकायों को निर्देशित करने की बात कही कि वे वृक्षारोपण के लिए स्थायी स्थान चिन्हित करें। प्रत्येक पंचायत में “वृक्ष मित्र स्थल” विकसित किए जाएं, जहां नियमित रूप से पौधे लगाए जाएं और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी तय हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल पौधे लगाकर फोटो खिंचवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को जीवित रखकर बड़ा करना ही अभियान की वास्तविक सफलता होगी।

अपने संबोधन में श्री चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को कृषि और किसानों के भविष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग ही कृषि को दीर्घकाल तक सुरक्षित रख सकता है। रासायनिक संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, इसलिए टिकाऊ खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment)” का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। बिजली की बचत, जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण तथा ऊर्जा दक्ष उपकरणों का प्रयोग जैसे छोटे-छोटे कदम पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में पद्म भूषण पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने कहा कि श्री शिवराज सिंह चौहान का वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में पर्यावरण के प्रति व्यवहार परिवर्तन का प्रयास है। उन्होंने बताया कि उनके पर्यावरणीय कार्यों का वैज्ञानिक अध्ययन भी किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इसे एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

प्रख्यात चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. अनूप हजेला ने “एक पेड़ लगाओ, एक पेड़ पालो” का संदेश देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने ऊर्जा बचत, जल पुनर्चक्रण, प्लास्टिक मुक्त जीवन और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित देशभर से आए सैकड़ों वृक्ष मित्र प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि हजारों लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े। सभी ने पेड़, पानी, मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए हरित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

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