30 दिनों तक किसानों को सुरक्षित फसल सुरक्षा उत्पादों के उपयोग का मिलेगा प्रशिक्षण
भोपाल। किसानों को फसल सुरक्षा उत्पादों के सुरक्षित, जिम्मेदार और वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वैश्विक कृषि समाधान कंपनी बीएएसएफ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस ने मध्यप्रदेश कृषि विभाग के सहयोग से भोपाल जिले के ग्राम शोभापुर से ‘सुरक्षा हमेशा–कृषक जागरूकता यात्रा’ का शुभारंभ किया। यह अभियान आगामी 30 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से किसानों और स्प्रे ऑपरेटरों को सुरक्षित कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश कृषि विभाग की उप संचालक (डीडीए) डॉ. सुमन प्रसाद, अखिल भारतीय कृषि विक्रेता संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह राजपूत, बीएएसएफ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस के निदेशक गिरिधर, बीएएसएफ मध्यप्रदेश के बिजनेस मैनेजर योगेंद्र सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि आदान विक्रेता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक कृषि में फसल सुरक्षा उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन इनका उपयोग तभी लाभदायक है जब इन्हें वैज्ञानिक तरीके से, निर्धारित मात्रा में तथा आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ प्रयोग किया जाए। गलत तरीके से उपयोग किए जाने पर न केवल किसानों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, बल्कि पर्यावरण और फसलों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
बीएएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अनेक किसानों को फसल सुरक्षा उत्पादों के सही चयन, अनुशंसित मात्रा, उचित समय पर छिड़काव, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के उपयोग तथा खाली पैकेजिंग के सुरक्षित निपटान जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने ‘सुरक्षा हमेशा–कृषक जागरूकता यात्रा’ शुरू की है।
इस अभियान के तहत विशेष रूप से तैयार किए गए 6 जागरूकता वाहन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में भ्रमण करेंगे। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों एवं स्प्रे ऑपरेटरों को फसल सुरक्षा उत्पादों के सुरक्षित उपयोग के 9 महत्वपूर्ण चरणों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सही भंडारण, अनुशंसित मात्रा में उपयोग, छिड़काव के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियां, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का महत्व तथा खाली डिब्बों एवं पैकेजिंग सामग्री के सुरक्षित निपटान के बारे में भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी सेहत की रक्षा करने के साथ-साथ फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से इस जागरूकता अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने और वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप फसल सुरक्षा उत्पादों का उपयोग करने की अपील की।
बीएएसएफ के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी का ‘सुरक्षा हमेशा’ कार्यक्रम कई वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से हजारों किसानों एवं स्प्रे ऑपरेटरों को सुरक्षित कृषि कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कंपनी का मानना है कि छोटे, सीमांत एवं बड़े सभी किसानों तक सुरक्षित कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाना आवश्यक है, ताकि वे स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचते हुए बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
अखिल भारतीय कृषि विक्रेता संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह राजपूत ने कहा कि कृषि आदान विक्रेता किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे जागरूकता अभियान किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे और सुरक्षित कृषि वातावरण तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।

ऑल इंडिया एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसानों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए इस प्रकार के अभियान समय की आवश्यकता हैं। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी, कृषि आदान विक्रेता संघ मध्यप्रदेश भोपाल के उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे, प्रदेश सदस्यता अभियान प्रभारी श्री विनोद जैन (खरगोन), सागर जिला अध्यक्ष श्री राजेश मलैया, बैतूल जिला अध्यक्ष श्री प्रकाश जैन सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने बीएएसएफ कंपनी द्वारा पूरे मध्यप्रदेश में जागरूकता वाहनों के माध्यम से किसानों तक सुरक्षित फसल सुरक्षा उत्पादों के उपयोग का संदेश पहुंचाने की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान किसान हित में अत्यंत उपयोगी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के हजारों किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी तथा कृषि क्षेत्र में सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
