बंगाल में कृषि और ग्रामीण विकास पर फोकस: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की हाई लेवल बैठक

Focus on agriculture and rural development in Bengal

जूट किसानों से करेंगे सीधा संवाद

हलधर किसान कोलकाता | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय प्रवास के दौरान राज्य में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक समीक्षा करेंगे। इस दौरान कोलकाता में राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति, किसानों के हितों और ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जूट उत्पादक किसानों, वैज्ञानिकों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से भी सीधा संवाद करेंगे।

अपने दौरे के पहले दिन केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कोलकाता पहुंचेंगे, जहां राज्य सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर प्रारंभिक चर्चा होगी। इस दौरान केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा किसानों तक योजनाओं का अधिक प्रभावी लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

दौरे के दूसरे दिन कोलकाता स्थित नए सचिवालय भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रतिनिधि, केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के विशेषज्ञ शामिल होंगे। बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा पंचायतों को उपलब्ध कराए जा रहे विकास निधि सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, किसानों तक समय पर लाभ पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी रणनीति तैयार की जाएगी।

बैठक में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, फसल उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण रोजगार के नए अवसरों और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में आगे की कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा।

उच्चस्तरीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बैरकपुर स्थित आईसीएआर–केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान (CRIJAF) पहुंचेंगे। यहां वे जूट उत्पादक किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद करेंगे।

संवाद कार्यक्रम के दौरान किसान जूट की खेती से जुड़ी अपनी समस्याओं और अनुभवों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखेंगे। जूट की रेटिंग प्रक्रिया, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, उत्पादन लागत, बाजार मूल्य और विपणन जैसी चुनौतियों पर चर्चा होगी। साथ ही जूट की गुणवत्ता सुधारने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

आईसीएआर के वैज्ञानिक किसानों को जूट की उन्नत किस्मों, आधुनिक उत्पादन तकनीकों, जल संरक्षण, वैज्ञानिक रेटिंग प्रणाली तथा प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग की नई तकनीकों की जानकारी देंगे। विशेषज्ञों का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उत्पादन लागत कम करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।

कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। उन्हें जूट आधारित उत्पादों के निर्माण, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन), पैकेजिंग, ब्रांडिंग और छोटे उद्यम स्थापित करने के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आय के नए अवसर विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जूट केवल एक पारंपरिक फसल नहीं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक रेशा है, जिसकी देश और विदेश दोनों बाजारों में मांग लगातार बढ़ रही है। यदि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं और मजबूत विपणन व्यवस्था उपलब्ध हो जाए तो जूट क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा पश्चिम बंगाल में कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। शीर्ष स्तर पर योजनाओं की समीक्षा और जमीनी स्तर पर किसानों व महिलाओं से सीधा संवाद यह संकेत देता है कि सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दे रही है।

यह भी पढेंः- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिवंगत बाबूलाल रघुवंशी को दी श्रद्धांजलि, डॉ. शीतल रघुवंशी को दी शुभकामनाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *