AIDA की सदस्यता बढ़ाने और व्यापारी हितों की रक्षा पर जोर
मदुरै। तमिलनाडु कृषि आदान विक्रेता एसोसिएशन (TAITA) की प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक मदुरै में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में तमिलनाडु के सभी 39 जिलों से आए पदाधिकारियों एवं कृषि आदान व्यापारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, व्यापारियों को कानूनी एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करना तथा राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) की सदस्यता का विस्तार करना रहा।

बैठक में AIDA के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा कृषि आदान विक्रेता संगठन, भोपाल के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं परिचय से हुई। भाषा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए दुभाषिए (ट्रांसलेटर) की सहायता से सभी वक्ताओं ने अपने विचार रखे, जिन्हें उपस्थित सदस्यों ने गंभीरता और रुचि के साथ सुना।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए AIDA के दक्षिण क्षेत्र सचिव एवं आंध्र प्रदेश एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री वी. वी. नागीरेड्डी ने अपने राज्य में संगठन की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठित शक्ति ही व्यापारियों की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी जिलों के पदाधिकारियों से सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने और अधिक से अधिक व्यापारियों को राष्ट्रीय संगठन से जोड़ने का आह्वान किया।
इसके पश्चात तेलंगाना एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं AIDA साउथ जोन के अध्यक्ष श्री मनिंदर गौरी शेट्टी ने व्यापारियों के हित में राष्ट्रीय संगठन द्वारा किए गए प्रयासों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बदलते व्यापारिक परिवेश में एक मजबूत राष्ट्रीय मंच की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने आगामी योजनाओं और संगठन की भावी रणनीति की जानकारी देते हुए सदस्यता विस्तार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक का प्रमुख आकर्षण कृषि आदान विक्रेता संगठन, भोपाल के अध्यक्ष एवं AIDA के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मानसिंह राजपूत का संबोधन रहा। उन्होंने AIDA के मूल मंत्र “कृषक मंगलम – राष्ट्र मंगलम” के साथ अपने विचार रखे। श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश संगठन की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर के कृषि आदान व्यापारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय संगठन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापारियों को इसके संभावित दुष्परिणामों से सावधान किया। उन्होंने कहा कि कृषि आदान व्यवसाय में व्यक्तिगत संपर्क, तकनीकी मार्गदर्शन और किसानों को सही सलाह देना महत्वपूर्ण है, इसलिए व्यापारियों को ऑनलाइन व्यापार के प्रति सतर्क रहना चाहिए तथा अपने व्यवसाय को इससे दूर रखने का प्रयास करना चाहिए।
बैठक में कृषि आदान विक्रेता संगठन, भोपाल के लीगल सेल प्रमुख एवं AIDA सेंट्रल जोन के सचिव श्री राजेश मलैया ने व्यापारियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बीज अधिनियम, कीटनाशक अधिनियम तथा फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO) के अंतर्गत व्यापारियों को उपलब्ध कानूनी सुरक्षा और अधिकारों को विस्तार से समझाया। उनके मार्गदर्शन से उपस्थित व्यापारियों को अनेक जटिल कानूनी विषयों की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हुई।
तमिलनाडु संगठन के विशेष आग्रह पर श्री मलैया ने नई उर्वरक वितरण प्रणाली ‘ई-विकास’ के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संगठन व्यापारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कानूनी एवं संगठनात्मक स्तर पर प्रभावी कदम उठाएगा।
बैठक के समापन अवसर पर तमिलनाडु एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी 39 जिलों के प्रतिनिधियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा सदस्यता अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के कृषि आदान व्यापारियों ने भी राष्ट्रीय पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। प्रदेश के पदाधिकारियों ने कहा कि भाषा की बाधा के बावजूद श्री मानसिंह राजपूत एवं श्री राजेश मलैया ने तमिलनाडु के व्यापारियों तक महत्वपूर्ण कानूनी, तकनीकी और संगठनात्मक जानकारियां सफलतापूर्वक पहुंचाईं। इससे न केवल व्यापारियों में जागरूकता बढ़ी है, बल्कि राष्ट्रीय संगठन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

मध्यप्रदेश कृषि आदान विक्रेता संगठन की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे, प्रदेश सदस्यता अभियान प्रभारी श्री विनोद जैन तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री विजय बंसल सहित अनेक पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय नेतृत्व को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन देशभर के कृषि आदान व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर सक्रिय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी प्रकार के प्रयासों से AIDA आने वाले समय में और अधिक सशक्त होकर व्यापारियों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाएगा।
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