हलधर किसान नई दिल्ली। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही, जिसके अंतर्गत मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार ने किया। उनके नेतृत्व में मंत्रालय के लगभग 200 अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योग सत्र के दौरान विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मंत्रालय द्वारा संचालित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को भी बढ़ावा दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी माताओं के सम्मान में स्वदेशी एवं औषधीय पौधों का रोपण किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिवार और प्रकृति के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना है। अधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
योग दिवस समारोह के अंतर्गत समग्र स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें “समग्र स्वास्थ्य और सद्भाव” विषय पर पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता प्रमुख रही। प्रतिभागियों ने योग और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को आकर्षक चित्रों और संदेशों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की सहायक प्रोफेसर डॉ. इंदु द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए योग के शारीरिक और मानसिक लाभों पर विस्तृत व्याख्यान भी दिया। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में अत्यंत सहायक है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधे वितरित किए गए, ताकि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने में योगदान दे सकें। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
योग दिवस के अवसर पर लोगों को योग के प्रति प्रेरित करने के लिए डूडल गतिविधि (स्वतंत्र रेखाचित्र) और इंटरैक्टिव क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इन गतिविधियों में बड़ी संख्या में आगंतुकों ने भाग लिया और योग, स्वास्थ्य तथा पर्यावरण से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने मिशन लाइफ (पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली) का संकल्प भी लिया। उन्होंने दैनिक जीवन में संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत सुबह 6:30 बजे से 9:30 बजे तक संडे बर्ड वॉक का आयोजन भी किया गया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण में प्रतिभागियों ने चिड़ियाघर परिसर में पक्षियों की 39 विभिन्न प्रजातियों का अवलोकन किया। पक्षी प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण में रुचि रखने वाले लोगों ने इस गतिविधि में विशेष रुचि दिखाई। बर्ड वॉक के बाद विशेषज्ञों द्वारा पक्षियों की पहचान, उनके आवास और जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का यह आयोजन स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। योग दिवस के माध्यम से मंत्रालय ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आयोजित यह कार्यक्रम योग, पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सफल पहल साबित हुआ। इसके माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ जीवन, हरित पर्यावरण और सतत विकास के महत्व का संदेश दिया गया।
यह भी पढेंः- भारतीय किसान संघ ने ग्राम स्तर तक संगठन विस्तार का लिया संकल्प, टोंक में मासिक बैठक संपन्न
