कपास और मिर्ची की फसल से किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने पर रहेगा फोकस : कलेक्टर गुरु प्रसाद

Focus will be on ensuring maximum profit for farmers from cotton and chili crops Collector Guru Prasad

हलधर किसान खरगोन। कृषि प्रधान जिले खरगोन में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने को लेकर नवनियुक्त कलेक्टर गुरु प्रसाद ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। कलेक्टर गुरु प्रसाद मंगलवार को खरगोन कलेक्टर के रूप में सम्भाला है। पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने कृषि, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में जिले के विकास को लेकर अपनी योजनाओं और प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

कलेक्टर गुरु प्रसाद ने कहा कि खरगोन कृषि प्रधान जिला है। यहां कपास के साथ-साथ मिर्ची की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में उनका विशेष फोकस इन फसलों पर रहेगा। प्रयास किया जाएगा कि कृषि क्षेत्र में नए नवाचार किए जाएं और किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझते हुए स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रयास किए जाएंगे, जिनसे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि खरगोन की भौगोलिक और कृषि परिस्थितियों को समझने के बाद यहां की जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार की जाएंगी। कपास और मिर्ची जैसी प्रमुख फसलों में उत्पादन बढ़ाने के साथ ही किसानों को बेहतर तकनीक, नवाचार और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने पर भी काम किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि कृषि क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए किसानों को अधिक से अधिक आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सके।

शिक्षा के क्षेत्र में भी होंगे नए प्रयोग

कलेक्टर गुरु प्रसाद ने बताया कि खरगोन को लेकर उनके पास कुछ पायलट प्रोजेक्ट हैं, जिन पर वे काम करना चाहते हैं। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग जिले के विकास में किस तरह किया जा सकता है, इस दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। खरगोन जिले के शिक्षकों को वहां भेजकर इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी। यदि यह मॉडल जिले के लिए उपयोगी और सफल साबित होता है तो इसे खरगोन में भी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में लाइव क्लास की योजना पर भी काम करने की बात कही। इसके तहत जिले के बेहतर शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। खासतौर पर आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि खरगोन के आदिवासी और गैर-आदिवासी बच्चों को एक साथ बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। जिले के प्रतिभाशाली और अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि जिले के बच्चों को आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो सकें।

तकनीक और नवाचार से विकास को मिलेगी गति

आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई करने वाले कलेक्टर गुरु प्रसाद का तकनीकी क्षेत्र में भी अनुभव रहा है। उन्होंने बेंगलुरु में इंटेल कंपनी में भी कुछ समय तक कार्य किया है। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था में तकनीक के बेहतर उपयोग को लेकर भी उनसे उम्मीदें जुड़ी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अपनी आईटी विशेषज्ञता का उपयोग जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में किया जाएगा।

उनका प्रयास रहेगा कि तकनीक के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके। साथ ही शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा।

समाज और सरकार के साथ मिलकर विकास का संकल्प

कलेक्टर गुरु प्रसाद ने कहा कि किसी भी जिले का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब समाज और सरकार मिलकर काम करें। उन्होंने खरगोन के नागरिकों से आह्वान किया कि वे शासन और प्रशासन के साथ मिलकर जिले के विकास में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही लोगों को गरीबी से बाहर लाने और उनके जीवन स्तर में सुधार करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने प्रशासनिक अमले को भी जिम्मेदारी के साथ काम करने की बात कही। जिले के फील्ड स्तर पर कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह घर-घर जाकर लोगों को शासन की योजनाओं और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करे। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

नवोदय से आईआईटी और फिर यूपीएससी तक का सफर

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी कलेक्टर गुरु प्रसाद ने कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूरी की। कुछ समय तक उन्होंने बेंगलुरु स्थित इंटेल कंपनी में भी नौकरी की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी की और यूपीएससी परीक्षा में तीसरे प्रयास में भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए।

इससे पहले यूपीएससी के पहले प्रयास में उनका चयन भारतीय सूचना सेवा और दूसरे प्रयास में भारतीय राजस्व सेवा (कर) में हुआ था। अब खरगोन के नए कलेक्टर के रूप में उनके सामने कृषि, शिक्षा, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी। उनके अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए जिले के लोगों को उम्मीद है कि नए प्रयोगों और नवाचारों के माध्यम से खरगोन के विकास को नई दिशा मिलेगी।

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