12 लाख कृषि आदान डीलरों के हितों की रक्षा, खाद पर मार्जिन वृद्धि और टैगिंग रोकने सहित कई प्रमुख मांगों पर सरकार से हस्तक्षेप की अपील
हलधर किसान नई दिल्ली। देशभर के कृषि आदान व्यापारियों की समस्याओं और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मिला। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन कलन्त्री के नेतृत्व में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि इनपुट व्यापार से जुड़ी जमीनी समस्याओं को गंभीरता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कृषि आदान विक्रेताओं, किसानों और एग्रोकेमिकल व्यापार से जुड़े लाखों लोगों के हितों की रक्षा के लिए चार प्रमुख मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपे।

इस मुलाकात को संगठन ने कृषि इनपुट व्यापारियों के हितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि लगातार संगठित प्रयासों और संघर्षों के परिणामस्वरूप अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को उनके नेतृत्व और सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए बधाई भी दी। साथ ही कृषि आदान व्यापार में सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और किसानों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव की जानकारी विस्तार से रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल में संगठन के महासचिव प्रवीण भाई पटेल, संगठन मंत्री सुभाष शाह, संगठन मंत्री अरविंद पटेल और सदस्य रमेश पटेल प्रमुख रूप से शामिल रहे। वहीं मध्यप्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने इस सफल बैठक पर राष्ट्रीय नेतृत्व को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान निकल सकेगा।

सीलबंद उत्पादों में डीलरों को मिले संरक्षण
ज्ञापन में प्रमुख मांग उठाई गई कि यदि किसी निर्माता कंपनी द्वारा सीलबंद पैक में भेजे गए उत्पाद का सरकारी परीक्षण असफल पाया जाता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि फार्मास्युटिकल क्षेत्र की तरह कृषि आदान व्यापार में भी मूल सीलबंद उत्पाद बेचने वाले डीलरों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। इससे निर्दोष विक्रेताओं पर अनावश्यक कार्रवाई रोकी जा सकेगी।
उर्वरकों पर डीलर मार्जिन बढ़ाने और टैगिंग रोकने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उर्वरकों पर डीलरों को मिलने वाला मार्जिन वर्षों से स्थिर बना हुआ है, जबकि उत्पादों की लागत और बाजार व्यवस्था में बड़े बदलाव आ चुके हैं। मांग की गई कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार होलसेलर और रिटेलर दोनों को मिलाकर कुल 8 प्रतिशत मार्जिन तय किया जाए।
इसके अलावा यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की जबरन बिक्री या कथित ‘टैगिंग’ प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी रखी गई। संगठन का कहना है कि इससे व्यापारियों के साथ-साथ किसानों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
कीटनाशकों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग
बैठक में कीटनाशकों पर लगने वाली 18 प्रतिशत जीएसटी दर को कम कर 5 प्रतिशत किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का दावा है कि ऐसा होने पर किसानों की उत्पादन लागत कम होगी और उन्हें हजारों करोड़ रुपये की राहत मिल सकती है। इससे खेती अधिक किफायती बनेगी तथा कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
जटिल कर प्रावधानों और डेटा विशिष्टता पर चिंता
ज्ञापन में आयकर अधिनियम के अंतर्गत लागू जटिल टीडीएस प्रावधानों को समाप्त करने की मांग भी शामिल रही। व्यापारियों का कहना है कि इन नियमों के कारण छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायियों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ बढ़ता है।
इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा पेटेंट अवधि समाप्त होने के बाद भी डेटा विशिष्टता के जरिए बाजार नियंत्रण बनाए रखने के प्रयासों पर रोक लगाने की मांग की गई। संगठन के अनुसार इससे घरेलू एग्रोकेमिकल उद्योग प्रभावित होता है और किसानों को महंगे विकल्पों का सामना करना पड़ सकता है।
सकारात्मक समाधान का मिला आश्वासन
बैठक के बाद संगठन ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से व्यावहारिक समाधान निकालने का आश्वासन दिया। संगठन ने इसे कृषि आदान व्यापारियों और किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है।
मध्यप्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने इस बैठक को संगठन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि लगातार प्रयासों और एकजुटता के कारण राष्ट्रीय स्तर पर व्यापारियों की आवाज मजबूत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल होने से लाखों व्यापारियों और करोड़ों किसानों को राहत मिल सकेगी।

राष्ट्रीय संगठन के द्वारा आदरणीय केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी से मिलकर कृषि आदान व्यापार में आने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया इस सराहनीय कार्य के लिए मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल के अध्यक्ष व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मान सिंह जी राजपूत राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश सचिव श्री संजय रघुवंशी जी प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे जॉइंट सेक्रेटरी राजेश मलैया जी सदस्यता अभियान प्रभारी श्री विनोद जैन साहब ने देश के कृषि आदान व्यापारियों के हित के लिए किए गए इस अच्छे कार्य की सराहना की है
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