ग्रामीण पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार; किसानों और व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह
हलधर किसान इंदौर,। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में कृषि क्षेत्र से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ग्रामीण पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए इफको और अदामा कंपनी के नाम से बनाई जा रही नकली कृषि दवाइयों, उर्वरकों और फफूंदनाशकों की बड़ी खेप जब्त की है। अधिकारियों के अनुसार करीब 70 लाख रुपये मूल्य का नकली कृषि आदान सामग्री बरामद की गई है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार एसडीएम कार्यालय के समीप स्थित एक गोदाम में लंबे समय से बिना लाइसेंस के नकली कृषि उत्पादों की पैकिंग और बिक्री की जा रही थी। कृषि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाजार में इफको और अदामा कंपनी के उत्पाद कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं। शिकायतों के आधार पर जांच की गई और गुरुवार को पुलिस तथा कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से छापा मारकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में नकली इफको नैनो यूरिया, इफको डीएपी तरल, इफको सागरिका, अदामा फ्लोराक्सिपायर, अदामा कॉपर ऑक्सी क्लोराइड सहित कई प्रकार के कीटनाशक, फफूंदनाशक और उर्वरक मिले। इसके अलावा नकली पैकिंग सामग्री, खाली बोतलें, लेबल और पैकिंग मशीनें भी बरामद की गईं।
पुलिस ने मौके से संदीप मालवीय (गोदाम संचालक), दिलीप पाटीदार (सप्लायर) और सुनील जाट (पैकिंग प्रभारी) को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में किसानों तथा कुछ व्यापारियों को यह नकली सामग्री सप्लाई कर रहे थे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नकली कृषि आदान सामग्री किसानों की फसल, मिट्टी और उत्पादन पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। किसानों की मेहनत और खाद्य सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि नकली उत्पाद किन-किन क्षेत्रों में पहुंचाए गए और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं।
इस घटना के बाद जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ, जिला इंदौर तथा कृषि आदान विक्रेता संघ मध्य प्रदेश ने भी विभाग से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। संघ के प्रतिनिधि श्री कृष्णा दुबे ने प्रदेशभर के कृषि आदान व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध स्रोत से बीज, खाद, कीटनाशक अथवा अन्य कृषि उत्पाद न खरीदें। थोड़े से लाभ के लालच में खरीदी गई संदिग्ध सामग्री न केवल व्यापारिक प्रतिष्ठान की साख को नुकसान पहुंचाती है बल्कि किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

संघ ने कृषि विभाग से मांग की है कि जिन क्षेत्रों में यह नकली सामग्री पहुंचाई गई है वहां भी व्यापक जांच कर कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित कृषि आदान उपलब्ध हो सके। इस कार्रवाई को कृषि क्षेत्र में नकली उत्पादों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों और अधिकृत व्यापारियों के हितों की रक्षा हो सकेगी।
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