नेशनल जूलॉजिकल पार्क में डिजिटल क्रांति

Digital Revolution at National Zoological Park

केंद्रीय राज्य मंत्री ने लॉन्च किया “एनजेडपी साथी ऐप”, सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क का भी उद्घाटन

हलधर किसान नई दिल्ली। देश के प्रमुख चिड़ियाघरों में शामिल नेशनल जूलॉजिकल पार्क (एनजेडपी), नई दिल्ली में आगंतुकों की सुविधा और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोमवार को नेशनल जूलॉजिकल पार्क परिसर में अत्याधुनिक डिजिटल गाइड “एनजेडपी साथी ऐप” का शुभारंभ किया तथा ऑनलाइन टिकट व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर चिड़ियाघर आने वाले पर्यटकों और विद्यार्थियों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। “एनजेडपी साथी ऐप” और सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क जैसी पहलें आगंतुकों को अधिक सुविधाजनक, सुगम और डिजिटल सेवाएं प्रदान करेंगी।

स्मार्ट नेविगेशन से आसान होगा भ्रमण

एनजेडपी द्वारा विकसित “एनजेडपी साथी ऐप” एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यह ऐप एक इंटरैक्टिव डिजिटल मैप और स्मार्ट नेविगेशन सिस्टम से लैस है, जिसके माध्यम से आगंतुक चिड़ियाघर के विभिन्न हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ऐप में जानवरों के बाड़े, वॉशरूम, बग्गी पॉइंट, भोजन स्थल, निकास द्वार तथा अन्य सुविधाओं की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा ऐप में विभिन्न थीम आधारित भ्रमण विकल्प भी दिए गए हैं। इनमें एक्सप्रेस टूर, फैमिली टूर, ग्रैंड ज़ू टूर और माई टूर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। आगंतुक अपनी रुचि और समय के अनुसार भ्रमण योजना तैयार कर सकेंगे, जिससे उनका अनुभव और अधिक रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनेगा।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग होगी और आसान

नेशनल जूलॉजिकल पार्क में स्थापित सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क के माध्यम से आगंतुक स्वयं ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इस सुविधा में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिससे नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।

विशेष बात यह है कि कियोस्क के आसपास मुफ्त वाई-फाई सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि आगंतुक मौके पर ही टिकट बुक कर सकें। इससे लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता कम होगी और प्रवेश प्रक्रिया अधिक तेज एवं व्यवस्थित बनेगी।

छात्रों की रचनात्मकता की सराहना

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने हाल ही में आयोजित ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम-2026 में भाग लेने वाले विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना की।

मंत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम बच्चों और युवाओं में प्रकृति तथा वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने एनजेडपी प्रशासन द्वारा संचालित संरक्षण शिक्षा गतिविधियों की भी प्रशंसा की।

अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मंत्री ने नेशनल जूलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न अनुभागों के प्रभारी अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में चिड़ियाघर में चल रही विभिन्न योजनाओं, पशु संरक्षण गतिविधियों, आगंतुक सुविधाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

साथ ही पार्क के आधुनिकीकरण, प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आगंतुक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को नवाचार और तकनीकी समाधान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

पशु कल्याण व्यवस्थाओं का लिया जायजा

दौरे के दौरान मंत्री ने पक्षियों के आवासों का निरीक्षण कर गर्मी के मौसम में उनके लिए किए गए विशेष प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने बाड़ों की स्थिति का अवलोकन किया तथा पशु कल्याण और आवास प्रबंधन में और सुधार के सुझाव दिए।

इसके बाद उन्होंने पशु चिकित्सालय का दौरा कर वहां भर्ती बीमार पशुओं की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने पशु चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ विस्तार से चर्चा कर उपचार और स्वास्थ्य प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

एशियाई शेरों से भी मिले मंत्री

अपने दौरे के दौरान मंत्री ने शेर के बाड़े का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने एशियाई शेर कार्तिक और करणी को देखा। उन्होंने दोनों शेरों की देखभाल, स्वास्थ्य स्थिति तथा बाड़े के रखरखाव पर संतोष व्यक्त किया और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

संरक्षण और तकनीक के समन्वय पर जोर

दौरे के समापन पर मंत्री ने नेशनल जूलॉजिकल पार्क के अधिकारियों और कर्मचारियों की वन्यजीव संरक्षण, पशु कल्याण तथा जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और संरक्षण शिक्षा के समन्वय से चिड़ियाघरों की उपयोगिता और प्रभावशीलता को और बढ़ाया जा सकता है।

नेशनल जूलॉजिकल पार्क ने भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य में संरक्षण शिक्षा को और मजबूत बनाने, डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने तथा पशु देखभाल एवं प्रबंधन के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। नई डिजिटल पहलें इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

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