हलधर किसान नई दिल्ली। कृषि आदान विक्रेताओं के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हाल ही में कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और संगठन पदाधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल के विभिन्न प्रावधानों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिसमें व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा गया।
बैठक में कृषि मंत्रालय के सेक्रेटरी श्री मुक्तानंद अग्रवाल के समक्ष कृषि आदान विक्रेता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन कलन्त्री एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष आबा साहेब ने विस्तार से संगठन के मुद्दे प्रस्तुत किए। संगठन की ओर से बताया गया कि वर्तमान बिल के कुछ प्रावधान व्यापारियों के लिए व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न कर सकते हैं, जिन्हें संशोधित करना आवश्यक है।
सेक्रेटरी श्री अग्रवाल ने संगठन के सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून बनाना है, जो किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए संतुलित और व्यावहारिक हो।
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण सहमति इस बात पर बनी कि यदि किसी पेस्टिसाइड का सैंपल फेल होता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी, न कि व्यापारी की। यह निर्णय व्यापारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचाव मिलेगा।
इसके अलावा लाइसेंस ट्रांसफर को लेकर भी सकारात्मक रुख सामने आया। संगठन की मांग पर सहमति जताते हुए सेक्रेटरी ने कहा कि व्यापारी के निकटतम संबंधी को लाइसेंस ट्रांसफर करने में किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि दुकान का लाइसेंस पहले से है, तो अलग से गोदाम (गोडाउन) का लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में यह सहमति बनी कि नॉमिनी को पेस्टिसाइड लाइसेंस ट्रांसफर करने के लिए 48 सप्ताह का प्रशिक्षण कोर्स पूरा करना होगा। इसके साथ ही 7500 रुपये की फीस के प्रावधान पर भी सकारात्मक विचार किया गया है।
सेक्रेटरी श्री अग्रवाल ने यह भी आश्वासन दिया कि अन्य लंबित मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा और अगले माह संगठन के साथ एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक के बाद ही पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इस संबंध में संगठन के पदाधिकारी श्री मनमोहन कलन्त्री एवं आबा साहेब वर्तमान में दिल्ली में ही मौजूद हैं और उनके शाम तक वापस लौटने की संभावना है। संगठन की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय कुमार रघुवंशी (उज्जैन) ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रक्रिया संगठन द्वारा 30 जनवरी 2026 को उठाए गए मुद्दों के अनुरूप आगे बढ़ रही है और अब इसके परिणाम सामने आने लगे हैं।
इधर, राजस्थान के रायडा संगठन के पदाधिकारियों के कार्यों की भी सराहना की गई है। विशेष रूप से वरिष्ठ सदस्य श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल की सक्रियता को प्रेरणादायक बताया गया। संगठन के नेताओं ने कहा कि इसी तरह लगातार प्रयासों और संवाद के माध्यम से ही व्यापारियों की समस्याओं का समाधान संभव है।

भोपाल से कृषि आदान विक्रेता संघ के उपाध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे ने भी संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भले ही व्यापारियों का अपेक्षित सहयोग हर जगह नहीं मिल पाता, लेकिन संघर्ष जारी रखना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन की एकजुटता और निरंतर प्रयासों से निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
यह भी पढेंः- प्रधानमंत्री कल जारी करेंगे पीएम-किसान की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ किसानों को मिलेगा ₹18,640 करोड़ का लाभ
